फोटो 25:::शव पहुंचने के बाद रोती छोटी बेटी व अन्य परिजन। संवाद
भरथना। औरैया के अछल्दा में हुए हादसे में भरथना के प्रतिष्ठित व्यापारी, उनकी पत्नी और छोटे बेटे की जान चली गई। गुरुवार शाम करीब छह बजे शव घर पहुंचने पर चीखपुकार मच गई। बेटियां रोते हुए कहती रहीं कि पापा-मम्मी आप दोनों ने एक साथ धोखा दे दिया।
विवाहिता बेटी सोनाली कभी मां मधु तो कभी पिता राजीव के शव से लिपटकर चीख रही थी। कह रही थी कि पापा आप तो कहते थे अभी इति और शुभम की भी जिम्मेदारियां पूरी करेंगे। वहीं इति के भी आंसू नहीं रुक रहे थे। वह बार-बार फफकते हुए शवों के पास जा रही थी और फिर वहां से हट जा रही थी। दोनों बहनें भाई शुभम के पास भी बैठकर रोती रहीं। बोलीं- अभी तो तुझे पूरी जिंदगी देखनी थी मेरे भाई। हम लोग को तेरी शादी का इंतजार था।
ऐसा भी दिन देखना पड़ेगा सोचा नहीं था। राजीव के छोटे भाई कृष्णकुमार उर्फ बबलू, बड़े पुत्र सूर्य मोहन व परिवार के अन्य लोग के भी दुखी मन से दोनों बहनों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। शव आने की सूचना पर पूर्व चेयरमैन मनोज पोरवाल, डॉ. आरएन दुबे, पंकज दुबे, सीबू पोरवाल समेत बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचकर सांत्सवना व्यक्त की। राजीव के छोटे भाई ने बताया कि अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा। राजीव पोरवाल कस्बे के प्रमुख व्यापारियों में शुमार थे। उधर, इस दुखद हादसे की खबर मिलते ही मधु पोरवाल के मायके मोहल्ला ब्रजराज नगर में भी शोक छा गया। उनके भाई प्रमोद व अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं।
राजीव पोरवाल पिछले करीब 10 वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे। इस दौरान उनके दो ऑपरेशन भी हुए लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सामान्य दिनचर्या के साथ अपना कारोबार संभालते रहे। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ते रहे लेकिन बुधवार रात नियति के चक्र के सामने वह जिंदगी की जंग हार गए।
राजीव–मधु की चार संतानें हैं। सबसे बड़े पुत्र सूर्य मोहन वर्तमान में परिवार सहित नोएडा में रह रहे हैं। पुत्री सोनाली का विवाह हो चुका है। दूसरी पुत्री इति दिल्ली में मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं। सबसे छोटे पुत्र शुभम, जो पिता के साथ कारोबार संभालते थे। इस हादसे में माता-पिता के साथ ही काल कवलित हो गए।