संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत अब फसल नुकसान का आकलन न्याय पंचायत स्तर के बजाय ग्राम पंचायत स्तर पर किया जाएगा। ऋणी किसानों ने जहां से लोन लिया है, उसी बैंक शाखा में प्रीमियम जमा कर सकते हैं।
गैर ऋणी किसान अपने निकटतम बैंक शाखा में निर्धारित प्रीमियम जमा करा सकते हैं। ऐसी तमाम जानकारी विकास भवन में किसान दिवस पर बुधवार को हुई गोष्ठी में किसानों को दी गई।
बैठक में डीएम नितिन बंसल व सीडीओ डा अशोक चंद्र देर पहुंचे। इससे पूर्व किसानों को खरीफ के तहत ली जाने वाली फसलों की अधिक पैदावार के विषय में बताया गया। कृषि वैज्ञानिक एएच वारसी ने जानकारी दी कि बाजरा की कई अच्छी प्रजातियां हैं। इनके बीजों पर सब्सिडी भी उपलब्ध है।
उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि प्रति हेक्टेयर डेढ़ किलो बीज का इस्तेमाल करें। अमूमन किसान ढाई किलो बीज डाल देते हैं। इससे कोई फायदा नहीं होता। उन्होंने धान रोपाई की उन्नत विधियों के बारे में भी जानकारी दी।
गोष्ठी में किसानों से राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया गया। जानकारी दी गई खरीफ फसल के लिए पहली अप्रैल से 31 जुलाई और रवी फसल के लिए पहली अक्तूबर से 31 दिसंबर तक बीमा कराया जा सकता है।
इस योजना के कई फायदे हैं। खेत की तैयारी से लेकर फसल कटाई तक, किसी भी अवस्था में फसलों को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में बुआई न कर पाने या असफल बुआई होने पर 25 प्रतिशत का तुरंत भुगतान किया जाएगा।
गैर ऋणी किसानों को बीमा कराने के लिए जमाबंदी की कापी, पहचान पत्र और बैंक पासबुक फोटोकापी जमा कराना अनिवार्य है। नुकसान का आंकलन यूपी सरकार द्वारा प्राप्त क्रॉप कटिंग के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। क्लेम राशि का भुगतान किसान बंधुओं के बैंक खाते में किया जाएगा।
इसके अलावा जिला कृषि अधिकारी विनोद यादव ने किसानों को कृषि विभाग से लघु एवं सीमांत किसानों को सोलर सिंचाई पंप पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 एचपी सरफेस मोनोब्लाक पंप की कीमत 3.42 लाख रुपये है। इसमें 2,56,500 रुपये अनुदान राशि है।
इसी तरह इन पंपों पर 50 से 75 प्रतिशत तक अनुदान 3एचपी और 5एचपी पंपों पर उपलब्ध है। गोष्ठी के दौरान किसानों ने खरपतवार से निजात आदि की समस्याएं रखीं, जिनका निदान भी कृषि वैज्ञानिक एएच वारसी ने किया।
गोष्ठी में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एससी गुप्ता, डीडीओ अनिल कुमार सिंह, उपनिदेशक कृषि एसके सिंह, डीएचओ डीपी य दव आदि अधिकारी मौजूद रहे।