जिला पंचायत चुनाव में अंशुल यादव की अगुवाई में सपा की साइकिल दौड़ती दिखाई दे रही है। मतगणना के रुझानों में सपा और प्रसपा समर्थित प्रत्याशी 24 में 17 सीटों में आगे चल रहे थे।
ज्यादातर सीटों पर उसे भाजपा समर्थित प्रत्याशियों से सीधी टक्कर मिलती दिखी। देर शाम तक की गणना से ऐसा लग रहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर फिर से सपा का ही कब्जा होगा।
अपना गढ़ बचाने के लिए इस बार पंचायत चुनाव में यादव परिवार ने गिले शिकवे भुला दिए। प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव और सपा मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 24 में 17 सीटों पर गठबंधन कर प्रत्याशी उतारे।
गठबंधन वाली सभी सीटों पर सपा के प्रत्याशियों से शुरू से ही बढ़त बना ली। जिला पंचायत सदस्य पर पद के परिणाम तीन मई को आने की उम्मीद जताई जा रही है।
सैफई प्रथम से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई और निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव ने करीब 10000 मतों से बढ़त बना ली है। सैफई द्वितीय से डॉ. अरविंद कुमार करीब सात हजार मतों से आगे चल रहे थे।
जसवंतनगर ब्लॉक की प्रथम सीट पर गठबंधन की राधा देवी आगे चल रहीं हैं। द्वितीय और तृतीय सीट पर भी सपा समर्थित प्रत्याशी चल रहे थे। बसरेहर ब्लॉक की तीन सीटों पर भी सपा आगे चल रही थी। ताखा विकासखंड की भी तीनों सीटों पर गठबंधन प्रत्याशी काफी आगे चल रहे थे।
भरथना क्षेत्र से जुड़ी हुई तीन जिला पंचायत सदस्य सीटों की अगर बात करें, तो तीनों सीटों पर सपा गठबंधन के उम्मीदवारों को बढ़त बनाए हुए दिखाई दिए। महेवा विकासखंड में सपा गठबंधन की चारों प्रत्याशी अपने प्रतिद्वंद्वी आगे चल रहे थे।
चकरनगर ब्लॉक की दो सीटों पर भी गठबंधन के उम्मीदवार आगे बने हुए हैं। बढ़पुरा विकासखंड की तीन में दो सीटों पर सपा गठबंधन के प्रत्याशी अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी से आगे चल रहे थे। रुझानों को देखकर अंशुल ने दावा किया है कि सपा गठबंधन जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर अपना कब्जा बरकरार रखेगा।