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Etawah News: पहुंचे थे रुपये निकालने, बैंक कर्मियों का प्रदर्शन देख लौटे ग्राहक

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फोटो 32: धरना-प्रदर्शन में मौजूद पदाधिकारी। संवाद
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इटावा। तीन दिन की छुट्टी के बाद यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर मंगलवार को जिले की सभी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सहालग के सीजन व निजी समस्याओं के चलते लोग जब बैंक पहुंचे तो वहां कर्मचारी काम करने की जगह विरोध प्रदर्शन करते दिखे। यह देख ग्राहकों को बैंक गेट से ही मायूस होकर लौटना पड़ा। कुछ जरूरतमंद लोग एटीएम की ओर दौड़े तो कुछ वहां भी सेवा देने में असमर्थ होने का संदेश लिखा दिखाई दिया। इस कारण पूरा दिन ग्राहकों को नकदी के लिए परेशान होना पड़ा।
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हर्षनगर शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि परिवार में शादी है। दो दिन से छुट्टी थी। मंगलवार को बैंक आने पर पता चला कि आज हड़ताल की वजह से बैंक बंद है। एटीएम से 40 हजार रुपये से ज्यादा की धनराशि निकल नहीं सकती है। ऐसे में बाजार करने में परेशानी आएगी।



चौगुर्जी निवासी सुधांशु पांडेय ने बताया कि दोस्त को बीमारी के चलते रुपये की सख्त जरूरत थी। बैंक से रुपये निकालने आए थे, लेकिन हड़ताल की वजह से काम नहीं हो सका। अब किसी से रुपये उधार लेकर देने पड़ेंगे।
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धोकरनटोला निवासी जुनैद अली को मुंबई रुपये भेजने थे। वह सुबह शहर की शाखा में रुपये स्थानांतरित करने के लिए पहुंचे लेकिन हड़ताल की वजह से उनका काम नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि आज रुपये भेजने बहुत जरूरी था। अब थोड़े-थोड़े कर ऑनलाइन रुपये भेजेंगे।


इटावा। बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सेवा लागू न किए जाने के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर मंगलवार को जिले की सभी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के तहत अपनी-अपनी शाखाओं में प्रदर्शन के बाद सभी कर्मचारी व अधिकारी शहर के प्रमुख शास्त्री चौराहा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए। जहां धरना-प्रदर्शन किया गया।
एसबीआई के जिला मंत्री महेश सिंह भदोरिया ने धरने की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग करीब 10 सालों से लगातार उठाई जा रही है। केंद्र सरकार इस पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ते कार्यभार और स्टाफ की कमी के चलते बैंककर्मी मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश बैंक इंपलाइज यूनियन के जिला मंत्री राजीव सिंह ने बताया कि पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को सरकार की एजेंसी इंडियन बैंक एसोसिएशन पहले ही मंजूरी दे चुकी है।
इसके तहत प्रतिदिन बैंकिंग कार्य का समय बढ़ाया जाना है और प्रत्येक शनिवार को अवकाश का प्रावधान है, बावजूद इसके सरकार ने इसे अब तक लागू नहीं किया है। पंजाब नेशनल बैंक के जिला मंत्री मुकेश बाबू ने सरकार के रवैये की आलोचना की। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जिला मंत्री शृशांक शर्मा ने कहा कि लगातार बढ़ते दबाव के कारण कई बैंककर्मी अवसाद में जा रहे हैं।
ऐसे में कर्मचारियों को दो दिन का साप्ताहिक अवकाश मिलना बेहद जरूरी है। प्रदर्शन में बैंक अधिकारी धर्मेंद्र यादव, सुनील, कामरेड मंसाराम, प्रियंक, रामवीर, दीपक, विनोद, प्रदीप, हरगोविंद, अनिल, मुकुल, हिमांशु, विवेक, अश्विनी, संजीव, श्वेता गुप्ता, अजय, जीतांशु, राजन यादव, अभिजीत, दिनेश, आकाश मौजूद रहे।
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