प्रवचन करते आचार्य प्रसन्न सागर
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इटावा। संसार में कोई सुखी नहीं है, चारों ओर हिंसा का माहौल बना हुआ है, जिसमें अब अमन चैन की आवश्यकता है। यह बात आचार्यश्री प्रसन्न सागर महाराज ने नगर प्रवास के अंतिम दिन रविवार को लालपुरा जैन मंदिर में प्रवचन के दौरान कही। उन्होंने राष्ट्र की शांति और परिवार की समृद्धि के लिए एक विशेष अनुष्ठान को सम्पन्न कराया।
इस दौरान 24 विशेष पात्रों ने एक साथ श्रीजी की ऊपर शांतिधारा की। इसके बाद 84 सामान्य पात्रों ने क्रमवार शांतिधारा की। शांतिधारा के दौरान मंत्रोच्चारण आचार्य प्रसन्न सागर एवं मुनि श्री पीयूष सागर कर रहे थे।
अनुष्ठान समाप्ति के बाद आचार्य श्री ने पत्रकारों के सीएए के सवाल पर कहा कि सीएए का कार्य जो आज हुआ है, वह पचास साल पहले ही हो जाना चाहिए था। अपना देश पचास साल पीछे चल रहा है। उन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी एवं अमित शाह को इस कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
लालपुरा जैन मंदिर मेें पांच दिन के प्रवास के बाद आचार्य श्री ने दोपहर 2 बजे मुनि पीयूष सागर के साथ करहल की ओर विहार दिया। इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या मेें श्रद्धालु विहार में शामिल रहे और कुनैरा तक पद विहार कराया। यहां आचार्य श्री रात्रि विश्राम के बाद सोमवार की सुबह करहल की ओर विहार करेंगे।