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लाइन पार क्षेत्र में होगा जलभराव

Wed, 24 Jun 2015 11:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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लाइन पार क्षेत्र में शहर की आधे से ज्यादा आबादी बस चुकी है। मगर जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था न होने से गर्मी के  मौसम में भी कई मोहल्ले जलभराव की समस्या से जूझते रहते हैं।
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बरसात के सीजन में तो कई बस्तियां नरक बन जाती हैं। स्थानीय लोग पालिका से  लेकर डीएम की देहरी पर भी कई बार दस्तक दे चुके हैं। कई बार योजनाएं भी बनीं लेकिन जमीन पर उतरने से पहले ही ठंडे बस्ते में चली गई।

शहर के बीचोबीच से रेलवे लाइन निकली है। दक्षिण दिशा का पानी तो विभिन्न नालों के माध्यम से यमुना में चला जाता है लेकिन लाइन के उत्तरी दिशा का पानी निकलने की कोई व्यवस्था नहीं है।
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बस्ती को जलभराव से बचाने के लिए नए नालों की आवश्यकता है लेकिन लाइन पार करने के लिए पालिका को रेलवे की अनुमति लेनी होगी जो सहजता  से मिलना मुश्किल है। दूसरी समस्या है कि उत्तर दिशा का पानी निकालने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।

फर्रुखाबाद रोड पर नई मंडी से पहले लोहिया गैस गोदाम के पास कई स्थानों पर पानी भरा है जबकि अभी तो बरसात का नामोनिशान तक नहीं है। घरों के बाहर पानी जमा होने से लोगाें को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसी प्रकार रामनगर बिजली घर के पास तो कई घरों की दीवारें गंदे पानी में डूबी हुई हैं यहंा पर मैनपुरी फाटक  तक का पानी आता है  लेकिन आगे निकासी की व्यवस्था न होने के कारण भर जाता है। लोगों की शिकायत पर कई बार नाला निर्माण का प्रयास किया गया है लेकिन आगे लेबिल न मिलने तथा लाइन पार करने के लिए रेलवे की अनुमति न मिलने के कारण समस्या जस की तस लटकी हुई है।

इसी प्रकार शांति नगर तथा रणवीर नगर में भी जलभराव की समस्या गंभीर रूप धारण किए हुए है। पहले पानी सूत मिल में चला जाता था लेकिन अब आवास विकास निगम ने पानी बंद कर दिया है।

दोनो मोहल्लों में समस्या गंभीर रूप धारण करती  जा रही हैं। फरवरी में बरसात में जलभराव होने पर लोगों ने जाम लगा दिया था। प्रशासन के अधिकारियों ने एक माह भीतर समस्या का समाधान निकलवाने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक हुआ कुछ नहीं।

योजनाएं लटकीं
रामनगर तलैया क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक भवन स्वामियों को साल भर रहने वाले जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए पालिका ने कार्य योजना तैयार  कराने के लिए जलनिगम को लिखा था।  जलनिगम ने रामनगर तलैया से विजयनगर चौराहे तक करीब 75 लाख रुपये की लागत से नाला बनाने की योजना तैयार की थी। पानी जेल के पास से निकले नाले के  माध्यम से यमुना में जाना था।  यह योजना भी अधर में लटकी हुई है।

पालिका ने प्रकाश नगर की जलभराव की समस्या को निबटाने के लिए  कार्ययोजना बनाने की काम सीएंडडीएस को सौंपा था। सीएंडडीएस ने 1.50 करोड़ की योजना तैयार की थी।  इसके तहत प्रकाश नगर, महेरा चुंगी से महेंद्र एजेंसी तक अंडर ग्राउंड नाला बनाया जाना था। प्रकाश नगर तथा महेंरा चुंगी क्षेत्र का पानी इसी  नाले से होकर यमुना में जाना था। बरसात के समय तक काम पूरा होेने की बात कही गई थी लेकिन महीनाें बीत जाने के बाद योजना ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है।
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