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फसल के सदमे से दो किसानों की मौत

Tue, 21 Apr 2015 11:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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दैवी आपदा की भेंट चढ़ी नौ बीघे खेत में खड़ी गेहूं का मुआवजा महज नौ सौ रुपये मिलने के बाद परेशान किसान की सदमे से मौत हो गई। इसी प्रकार बसरेहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत उदयपुरा गांव में फसल खराब होने पर सदमे से एक किसान की मौत हो गई। दोनों घटनाएं मंगलवार सुबह हुई।
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ताखा क्षेत्र के गांव नगला बंधा निवासी सुघर सिंह यादव (59) मंगलवार को अपने खेतों में गेहूं काटने गया था। फसल की बर्बादी देखी तो खेत में सदमे से वह गिर गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के भाई बेटालाल ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से सुघर सिंह के खेत में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी।

मंगलवार को फसल कटाई के दौरान वह सदमे से गिर पड़ा और फिर नहीं उठा। उन्होंने बताया कि सुघर सिंह की सिर्फ एक बेटी मीना है। उन्होंने बताया कि फसल की बर्बादी के बाद मृतक को सरकार से आर्थिक मदद की उम्मीद थी। नौ बीघा गेहूं की फसल बर्बाद होने के बाद मुआवजा के रूप में सिर्फ 900 रुपये की चेक मिली।
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बेटी मीना ने बताया कि चेक मिलने के बाद से ही पिता परेशान चल रहे थे। परिवार के भरणा पोषण का खेती ही एक मात्र माध्यम है। बेटी ने रोते हुए कहा कि अब वह इस चेक का क्या करे जब पिता ही नहीं रहे। उसका कहना था कि अगर शासन से पर्याप्त मदद हासिल हो जाती तो शायद उसके पिता की मौत न होती।

किसान की मौत के संबंध में एसडीएम ताखा सुरेशचंद्र शर्मा ने कहा है कि नौ बीघा खेत में खड़ी फसल को आधे से ज्यादा नुकसान हुआ होगा। उसी आधार पर चेक दी गई होगी। अब 33 प्रतिशत नुकसान पर पुन: चेक दिलाई जाएगी।

उधर बसरेहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत उदयपुरा गांव निवासी राजेंद्र सिंह (50) पुत्र उजागर सिंह की गांव में पांच बीघा जमीन है। उसने अपनी जमीन पर गेहूं की फसल बोई थी। पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से उसके खेतों में खड़ी फसल खराब हो गई थी। सोमवार की शाम को वह अपने खेतों पर गया और खराब फसल देखकर उसे गहरा सदमा लगा।

वह लौटकर घर आया तो चारपाई पर लेट गया। इसी बीच कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। मृतक के चार पुत्र हैं। उसके परिवार का भरण पोषण खेती से ही होता है। बताया जाता है कि फसल बर्बाद होने से उसके सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया था। मृतक के बड़े पुत्र राजेश्वर सिंह ने बताया कि फसल बर्बाद होने से पिता काफी परेशान रहते थे।

फसल खराब होने का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर सके और उनकी मौत हो गई। राजेंद्र सिंह की मौत की खबर मिलने पर क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचा और उसने पूरी जानकारी ली। एसडीएम महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि किसान की मौत की सूचना मिली है। वह मौके पर जाकर छानबीन करेंगे।

भाजपा नेत्री ने भी देखी फसल की बर्बादी
इटावा। भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता भदौरिया ने चकरनगर क्षेत्र में किसानों के बीच पहुंच कर फसल की बर्बादी का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सपा सरकार पर किसानों की मदद कर पाने में असफल रहने का आरोप लगाया। कहा कि किसानों को मुआवजे के रूप में मात्र 750 रुपये का चेक पकड़ाया जा रहा है।

चकरनगर क्षेत्र में नियामतपुर, बहादुरपुर, नबादा खुर्द, चिटोली में गांवो का भ्रमण करने के बाद अतिवृष्टि से रबी की फसल पूरी तरह से चौपट हो चुकी है।

आरोप लगाया कि न तो सर्वे ईमानदारी से किया गया है और न ही चेक वितरण में पारदर्शिता बरती जा रही है। कई किसान तो ऐसे है जिनके खेतो में खड़ी फसल मजदूर फ्री में भी काटने के लिए तैयार नहीं है। फसल काटकर खेत साफ करने के लिए भी जेब से पैसे देने पड़ रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को लेकर संवेदनशील नहीं है।

किसी किसान को 750 रुपये तो किसी को 130 रुपये के चेक दिए जा रहे है। जनता परिवार के गठन पर व्यंग्य कसते हुए बोलीं, केंद्र सरकार की उपलब्धियां देखकर सारे छोटे दल एक साथ खड़े हो गए हैं। दावा किया कि इनमें से एक भी किसानों का पक्षधर नहीं है।

इस मौके पर हरीनारायण  बाजपेई, जिला महामत्री भाजपा विकास भदौरिया, जितेंद्र जैन, छोटू चौहान, वेद प्रकाश सिंह चौहान, बंगाली सिंह, धर्मेंद्र दुबे, भगवान सिंह, रामलखन सिंह, कुलदीप सिंह, दीपक मिश्रा, सत्यम सिंह, तारा सिंह, शिवकुमार सिंह, शिवम वर्मा, बादल चौबे, आदर्श चौहान आदि मौजूद रहे। 
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