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फसल के सदमे से दो और किसानों की मौत

Fri, 01 May 2015 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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मौसम की मार से फसल तबाह होने के बाद किसानों की मौतों का सिलसिला जारी है। ताजी घटना में सैफई थाना क्षेत्र के गांव बुधईया और महेवा में सदमे से एक-एक किसान की मौत हो गई। 
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ग्राम बुधईया निवासी रामवीर(47) पुत्र बेंचे लाल ने 25 बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी। उन्होंने अच्छे बीज तथा खाद भी डाली थी। रामवीर ने अच्छी पैदावार की उम्मीद की थी लेकिन प्राकृतिक कोप से उसकी फसल खेत में गिरकर बर्बाद हो गई। शुक्रवार को फसल की थ्रेसरिंग हो रही थी। मौके पर रामवीर भी मौजूद थे।

फसल को देखकर उन्हें लगने लगा कि इससे तो लागत भी निकलना मुश्किल होगी। इसके बाद वह खेत से घर लौट आए। वहां आते ही उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर  पड़ा। खेताें से पुत्र अश्विनी व अभिषेक जब घर पहुंचे तो पिता बेहोश पड़े थे। आनन-फानन वे उन्हें लेकर अस्पताल की ओर चल दिए लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई।
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अश्विनी ने बताया कि फसल बर्बाद होने से उसके पिता गुमशुम रहने लगे थे। हमने समझाया भी कि अगली बार फसल अच्छी होगी, लेकिन शुक्रवार को कम मात्रा में गेहूं निकलने का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर पाए और उनकी मौत हो गई। किसान की मौत की सूचना पर एसडीएम सैफई सियाराम मौर्य मौके  पर पहुंचे और जानकारी ली।  

उधर बस्ती महेवा निवासी रामप्रताप दुबे (52) ने अपने  25 बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी। बेमौसम बरसात से फसल तबाह हो गई। शुक्रवार को मड़ाई कराई तो न के बराबर फसल निकली। लागत भी न निकले का सदमा वे बर्दाश्त नहीं कर पाए। खेत पर ही गश खाकर गिर पड़े।
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सूचना के बाद परिजन पहुंचे तब तक राम प्रताप की मौत हो चुकी थी। मृतक के  पुत्र रवी ने बताया कि उसके पिता की मौत फसल बर्बाद होने के सदमे से हुई है।
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