गंगापुरा गांव में पकड़ा गया मगरमच्छ।
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शेडयूल वन प्रजाति में शामिल क्रोकोडाइलिस पैलुसटिस प्रजाति का मगरमच्छ गुरुवार रात गंगापुरा गांव में प्राथमिक विद्यालय के पास देखा गया। गांव में मगर की सूचना से हड़कंप मच गया। रात में ही ग्रामीण संतोष कुमार ने सोसाइटी फॉर कंजरवेशन आफ नेचर (स्कॉन) को इसकी सूचना दी। वन विभाग की टीम ने मगर को पकड़कर चंबल नदी में छोड़ दिया।
गुरुवार रात गंगापुरा गांव में प्राथमिक विद्यालय के पास मगरमच्छ होने की सूचना पर गांव के लोग लाठी डंडा और टार्च लेकर पहुंच गए। उसको चारों ओर से घेर लिया। वन रक्षक श्री निवास पांडेय के नेतृत्व में वन विभाग और स्कॉन की टीम वहां पहुंची। इस बीच मगरमच्छ धान के खेत में जाकर छिप गया। लगभग डेढ़ घंटे की कवायद के बाद पांच फीट लंबे मगरमच्छ को पकड़ लिया गया। शुक्रवार सुबह वन्य जीव प्रतिपालक सुरेश चंद्र राजपूत के निर्देशन में मगरमच्छ की मेडिकल जांच करा उसे प्राकृतवास चंबल नदी में छोड़ दिया गया। स्कॉन महासचिव डा. राजीव चौहान ने बताया कि ये मगरमच्छ एक सप्ताह से इसी क्षेत्र में देखा जा रहा था। दो दिन पूर्व इसकी सूचना गुलाबपुरा से प्राप्त हुई थी। लेकिन तब इसको ढूंढ़ा नहीं जा सका था। आसपास के ग्रामीणों को इसके लिए जागरूक कर दिया गया था। प्रभागीय निदेशक कन्हैया पटेल ने बताया कि मगर नहरों के माध्यम से रजवाहों में आ जाते हैं। भटककर गांव व खेताें में पहुंच जाते हैं।