गुजरात के सूरत से 65 लाख रुपये की कपड़े की 187 गांठें लेकर बनारस जा रहे ट्रक का माल रास्ते में गायब हो गया। चालक और परिचालक का भी कोई पता नहीं है।
माल उतारकर ट्रक को जसवंतनगर क्षेत्र के हाईवे स्थित मलाजनी के पास एक ढाबे पर छोड़ दिया गया। लावारिस ट्रक की सूचना देने पर पहुंची पुलिस ने जब खोजबीन शुरू की तब यह वारदात पता चली। ट्रक 13 दिन पहले सूरत से रवाना हुआ था।
बनारस से चेतगंज थाना क्षेत्र के रामकटोरा मुहल्ला निवासी रामआज्ञा सिंह पुत्र तेजभान सिंह ने बताया कि उनका ट्रक नंबर यूपी 65 एटी 8833 गत 31 मार्च को सूरत के पलक लाजिस्टिक ट्रांसपोर्ट कंपनी से कपड़े की गांठें लादकर बनारस के लिए रवाना हुआ था।
ट्रक चालक राजेंद्र कुमार उर्फ सुरेंद्र उर्फ लौरी पुत्र बलीराम निवासी ग्राम सुतोली पोस्ट गोपाल पुरा थाना खुटहन जनपद जौनपुर हाल निवासी रामपुर कुशवाहा जौनपुर चला रहा था। ट्रक को 6 अप्रैल तक बनारस पहुंचना था लेकिन गाड़ी समय पर नहीं पहुंची। उसे लगा कि गाड़ी रास्ते में कहीं खराब हो गई होगी।
श्री सिंह ने बताया कि नौ अप्रैल को चालक से उन्होंने फोन पर बातचीत की तो उसने बताया कि वह उसी दिन बनारस पहुंच जाएगा लेकिन अगले ही दिन 10 अप्रैल को सूचना मिली कि आपका ट्रक आगरा-इटावा रोड मलाजनी के पास एक ढाबे पर खड़ा है। वहां पहुंचने पर ट्रक को मिल गया लेकिन उस पर लदे माल का कहीं पता नहीं था।
चालक और परिचालक भी लापता थे। लाखों का यह माल बुक कराने वाले कपड़ा व्यापारी प्रवीण कुमार तिवारी पुत्र रामनाथ तिवारी निवासी मोहल्ला बहुलिया लहरतारा थाना मडुवाडीह जिला बनारस ने बताया कि उसने पलक लॉजिस्टिक टांसपोर्ट कंपनी सूरत (गुजरात) से 65.45 लाख रुपये की कपड़े की गांठें बुक कराई थीं।
उन्होंने आशंका जताई कि ट्रक से माल गायब करने में चालक की भूमिका संदिग्ध लग रही है। गौरतलब है कि ढाबा मालिक ने ट्रक के लावारिस खडे़ होने की सूचना थाना पुलिस को दी थी। पुलिस ने ट्रक मालिक से तहरीर ले ली है।
प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह यादव ने बताया कि घटना किसी दूसरे क्षेत्र की है। फिर भी पीड़ित पक्ष से तहरीर ले ली गई है। मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। इसके बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी।