इटावा। आर्थिक तंगी के चलते सिविल सर्विस की तैयारी न कर पाने से कुंठित छात्र ने जहर खा लिया। सोमवार सुबह यमुना तट के पास बेहोशी हालत में मिले युवक को बढ़पुरा पुलिस ने जिला अस्पताल व सैफई मिनी पीजीआई में भर्ती कराया, जहां पर उसकी मौत हो गई। उसकी जेब से मिले सुसाइड नोट में भी आर्थिक तंगी के चलते आईएएस की तैयारी नहीं करने का जिक्र है। परिवारीजनों ने बताया कि युवक कानपुर में रहकर पढ़ाई करता था।
भरथना थाना क्षेत्र के रमायन गांव में रहने वाले रमेश चंद्र के पास चार बीघा जमीन है। वह दूसरे की जमीन लेकर खेती करते हैं। उनका तीसरे नंबर का बेटा अतुल (22) कानपुर में रहकर सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा था। रविवार को कानपुर से भरथना आया और बड़े भाई से मिला। इसके बाद वह इटावा पहुंचा। यहां उसने पहले जहर खाया फिर यमुना में कूदने का प्रयास में वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा। इसी दौरान बढ़पुरा पुलिस के चौकी इंचार्ज सतीश राठौर की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने युवक को बेहोशी की हालत में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया।
जहां से उसे सैफ ई पीजीआई रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें पैसे के अभाव में सिविल सर्विस की तैयारी नहीं कर पाने को लेकर कदम उठाया। इसके आधार पर उसके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। मां रजनी व पिता रमेश चंद्र ने बताया कि अतुल आठ दिन पहले ही कानपुर गया था। रविवार को भरथना में बड़े भाई से मिलने आया था। जहां से वह इटावा चला गया।