उन्नीस दिन से लापता टीचर का शव मिलने के बाद पूरा मामला अबूझ पहेली बना है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ सुराग मिलने की उम्मीद लगाए पुलिस अफसरों को निराशा ही मिली। अब पुलिस नए सिरे से मौत के कारणों की छानबीन में जुटी है। हालांकि शिक्षक के घरवालों की ओर से अभी तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली है।
शहर की महेरा चुंगी स्थित विनीत विहार कालोनी निवासी शिक्षक शैलेंद्र सिंह (35) पुत्र सरनाम सिंह की मौत पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी है। गुरुवार की सुबह नाले में शव मिलने के बाद परिजन अपहरण के बाद हत्या का आरोप लगाते रहे। पर प्रथम दृष्टया पुलिस इसे हादसा बताती रही।
परिजनों के आरोप लगाने के बाद पुलिस अफसरों को उम्मीद थी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई ऐसा सुराग मिल जाएगा जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह हत्या है या फिर हादसा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिली। रिपोर्ट में मौत का कारण तक स्पष्ट नहीं हुआ। अब इस पूरे मामले की एसएसपी डॉ. राकेश सिंह ने गहराई से छानबीन शुरू कर दी है।
उन्होंने बताया कि मृतक की कॉल डिटेल से भी पुलिस को कोई क्लू नहीं मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव को 7-8 आठ दिन पुराना बताया गया है। पुलिस अपनी जांच में इस बात को भी शामिल करेगी कि इस बात का निर्धारण डाक्टरों ने किस आधार पर किया। पुलिस को जिस घड़ी से उम्मीद थी वह भी कोई काम नहीं आई। क्योंकि घड़ी में तारीख की सुविधा नहीं थी।
घड़ी 2:20 का समय बता रही है। उधर, मृतक टीचर के शव का गुुरुवार की देर रात औरैया जिले के अजीतमल थाना क्षेत्र के पैतृक गांव भदसान में अंतिम संस्कार किया गया। चिता को मुखाग्नि मृतक के बड़े भाई शिवेंद्र सिंह चौहान ने दी। शव गांव पहुंचा तो वहां का माहौल गमगीन हो गया।
जाम लगाकर उपद्रव करने वालों पर एफआईआर
इटावा। उन्नीस दिन से लापता शिक्षक शैलेंद्र सिंह का शव काजी पेट्रोल पंप के पास स्थित नाले से मिलने के बाद गुरुवार को जमकर बवाल हुआ था। गुस्साए लोगों ने जाम लगाया और पुलिस की कार्यशैली से खफा होकर वाहन पर पथराव करके तोड़फोड़ की। इस पूरे मामले में पुलिस उपद्रव करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
सिविल लाइन थाने में एसएसआई गुलाब सिंह की तहरीर पर पुलिस ने मृतक के भाई शिवेंद्र सिंह कुशवाह निवासी विनीत बिहार कालोनी, रौनक उर्फ महका पंजाबी कालोनी सहित राहुल भदौरिया, शिवेंद्र यादव, नृपेंद्र चौहान, सत्यपाल सिंह भदौरिया, एनएस चौहान, शिवकांत गुप्ता निवासीगण विनीत बिहार कालोनी व उपेंद्र त्रिपाठी निवासी इंद्रावखी सहित 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
आरोप है कि उक्त लोगों ने बिना अनुमति के प्रदर्शन करते हुए वाहनों में तोड़फोड़ की, जिससे भय का वातावरण पैदा हुआ। लोक व्यवस्था भंग करते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। इस संबंध में पुलिस ने धारा 143, 341, 383, 332, 353, 504, 527 व 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।