जीआरपी ने डाउन मरुधर एक्सप्रेस के आरक्षित कोच से टैक्स चोरी कर आगरा से बनारस ले जाई जा रही चांदी बरामद की। बाद में वाणिज्य कर विभाग ने मालिक से 82,500 रुपये जुर्माना वसूलने के बाद आभूषणों को उनके सौंप दिया।
गुरुवार की रात रेलवे को डाउन मरुधर एक्सप्रेस के आरक्षित कोच एस-10 में बर्थ नंबर 27 के नीचे लावारिस बैग रखे होने की सूचना मिली। अफसरों ने आगे के स्टेशनों पर रेलवे पुलिस को अलर्ट कर दिया।
इटावा स्टेशन पर ट्रेन के रुकते ही जीआरपी एसआई महेंद्र सिंह ने हमराह सिपाही जसवीर सिंह, ओमकार व सुदेश के साथ कोच में चेकिंग कराई। सूचना सही निकली। बर्थ के नीचे से बरामद बैग के साथ एक युवक को भी जीआरपी ने हिरासत में ले लिया।
उसने अपना नाम गुलशेर अली पुत्र मोनू शाह निवासी सराय पकवान थाना अलीनगर जिला चंदौली बताया। बैग में चांदी की पायलें थीं। जांच-पड़ताल में वह जीआरपी को कच्चा या पक्का बिल नहीं दिखा पाया।
जीआरपी थानाध्यक्ष यशपाल सिंह यादव के अनुसार, पूछताछ में उसने बताया कि वह चांदी के आभूषण आगरा से बनारस ले जा रहा था। जीआरपी ने इसकी जानकारी वाणिज्य कर विभाग को दी और माल सहित हिरासत में लिए गए युवक को सहायक आयुक्त सचल दल को सौंप दिया।
जांच में पाया गया कि चांदी के आभूषण आगरा के नूरी दरवाजा स्थित कृष्णा आभूषण भंडार के हैं। चांदी का वजन कुल 29.6 किलोग्राम निकला। प्रतिशत के हिसाब से चांदी की कीमत साढ़े पांच लाख रुपये आंकी गई।
इस पर वाणिज्य कर विभाग ने सर्राफा व्यापारी मनोज बंसल से जुर्माना के रूप में 82,500 रुपये का जुर्माना वसूला। सहायक आयुक्त सचल दल ने बताया कि बाद में व्यापारी ने चांदी के आभूषणों का बिल प्रस्तुत कर दिया था। इस आधार पर जुर्माना की कार्रवाई की गई।
पूरा दिन गुजार दिया अफसरों ने...!
गुरुवार की रात ट्रेन से तीस किलो चांदी के आभूषण जीआरपी ने बिना बिल के बरामद किए। बावजूद इसके जीआरपी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। चर्चा रही कि दिनभर मामले को दबाने की कवायद चलती रही। बाद में पकड़ी गई चांदी का बिल आदि मैनेज कराया गया और फिर जुर्माना वसूल करने के बाद चांदी को छोड़ दिया गया।
देखकर खरीदें चांदी के आभूषण
इटावा। सावधान! चांदी के आभूषणों में जमकर ठगी हो रही है। गुरुवार की रात मरुधर ट्रेन में पकड़ी गई चांदी के आभूषणों का जब टंच कराया गया तो उसमें महज 40 प्रतिशत ही चांदी निकली। इससे समझा जा सकता है कि चांदी में कितनी मिलावट की जा रही है।
सोने के आभूषण खरीदते वक्त तो ग्राहक पूरी पड़ताल करते हैं, लेकिन चांदी के जेवर लेते वक्त ध्यान नहीं देते। इसी का फायदा सर्राफ भी उठाते हैं और वह मिलावटी आभूषण ग्राहकों को थमा देते हैं।
यह खुलासा मरुधर ट्रेन में पकड़ी गई चांदी का टंच कराने से हुआ। दरअसल वाणिज्य कर विभाग ने पकड़ी गई चांदी की पायलों का जब वजन कराया तो 29.600 किलो निकला।
इसके बाद इसमें चांदी की मात्रा जानने के लिए उन्हें टंच कराया गया। इसमें पता चला कि पायलों में महज 40 फीसदी ही चांदी है यानी चांदी की मात्रा 12.400 किलो निकली।
खास बात यह है कि इटावा सहित आसपास के जिले में आगरा और मथुरा में तैयार हो रहे चांदी के आभूषण ही बेचे जा रहे हैं। अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में चांदी के आभूषणों में मिलावट बढ़ रही है। पहले बाजार में 85 से 90 प्रतिशत शुद्धता वाले चांदी के आभूषण मिल जाते थे, लेकिन अब सराफा बाजार में भी मिलावट का बोलबाला है।
इस संबंध में राजू टंच वाले बताते हैं कि मौजूदा समय में सर्वोच्च क्वालिटी के चांदी के आभूषणों में 65 से 70 प्रतिशत मात्रा की चांदी ही मिलती है। उन्होंने बताया कि मार्केट में 40 प्रतिशत चांदी वाले आभूषण ही ज्यादा चलन में हैं।