भरथना थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्टट्रेक डा विदुषी सिंह ने युवक को दोषी मानते हुए पांच साल की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार भरथना क्षेत्र के एक गांव में तीन दिसंबर 2012 को एक युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। पोस्टमार्टम के दौरान उसके पास से एक युवक की फोटो बरामद हुई थी। कमरे की तलाशी में युवक के लिखे पत्र भी पुलिस को मिले। इसी आधार पर युवती के भाई ने गांव के एक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विवेचना के उपरांत मामला डा विदुषी सिंह की अदालत में पहुंचा। मामले की सुनवाई के दौरान पक्ष विपक्ष की दलीलें सुनने के बाद युवक को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई। राज्य की ओर से प्रवीन कठेरिया ने पैरवी की।