झोलाछाप को न्यायालय ले जाती पुलिस।
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बकेवर (इटावा)। अहेरीपुर गांव में गलत इंजेक्शन से दो साल की बालिका शीतल की मौत के बाद डीएम के निर्देश पर शुरू हुए झोलाछाप विरोधी अभियान में पुलिस और स्वास्थ्य महकमे की टीम ने दो दिन में 16 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सभी की क्लीनिक रूपी दुकानें भी सीज कर दी हैं।
छापामारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई डिप्टी सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ज्ञानेंद्र यादव, डॉ. सुमित महेवा, डाटा फीडर हसन नवाज और बकेवर थाने के प्रभारी आलोक राय की संयुक्त टीम ने की। इस दौरान बकेवर कस्बे के सुहेल अंसारी, अंबेडकर नगर स्थित माथुर क्लीनिक के संचालक रविंद्र सिंह, चंद्रा क्लीनिक के रमेश चंद्र, अंबेडकर पार्क बकेवर स्थित कुमार क्लीनिक के राकेश कुमार, व्यासपुर कोठी स्थित अनुषा क्लीनिक के सुरेंद्र प्रताप सिंह, लोहियानगर स्थित जान्हवी क्लीनिक के ज्योति शंकर, भरथना रोड स्थित अरोग्य क्लीनिक के सत्यवीर सिंह, हर्राजपुर के राजेश कुमार वर्मा और सनी क्लीनिक के संजीव कुमार, उरेंग गांव स्थित ग्रामीण क्लीनिक के धीरेंद्र सिंह, निबाड़ी कला स्थित चांदनी क्लीनिक के नसीम और इसी कस्बे में चांदनी क्लीनिक के सुखेंद्र सरकार, माथुर क्लीनिक के रामशंकर उर्फ कचेरी, अहेरीपुर के चंदन क्लीनिक के रविकांत, बहेड़ा स्थित ओम साईं क्लीनिक के रविकांत कुशवाहा, रुद्राज रुबराज क्लीनिक के दिलीप कुमार कार्रवाई की जद में आए।
डिप्टी सीएमओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि इनमें से किसी के पास मेडिकल प्रेक्टिशनर का विधिक दस्तावेज नहीं मिला। लिहाजा सभी के ठिकाने सीज करते हुए भारतीय चिकित्सा अधिनियम 1956 की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस के मुताबिक बृहस्पतिवार से शुक्रवार तक पकड़ में आए सभी 16 झोलाछाप को जेल भेज दिया है।
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