इटावा। जनपद के सबसे बड़े ब्लॉक महेवा की ग्राम पंचायत सराय जलाल में बिना काम कराए ही प्रधान ने सचिव के साथ मिलकर लाखों के न्यारे बारे कर लिए। ग्राम पंचायत सचिव की शिकायत पर जब डीएम ने जांच कराई तो भ्र्रष्टाचार उजागर हुआ। अब प्रधान व तत्कालीन सचिव पर 5 लाख 53 हजार 724 रुपये की वसूली होगी।
ग्राम पंचायत सदस्य सर्वराज सिंह ने 21 नवंबर 2017 को ग्राम प्रधान सरिता देवी व तत्कालीन सचिव विवेक तिवारी के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक कामों में बिना काम कराए लाखों रुपये निकालने का आरोप लगाया था, जिसकी जांच सहायक विकास अधिकारी पंचायत श्याम वरन राजपूत ने की थी जिसमें आधा दर्जन कार्यों के भुगतान फर्जी पाए गए, उसी जांच आख्या पर जिलाधिकारी ने प्रधान व सचिव से आधी-आधी धनराशि वसूलने का आदेश दिया है।
सोमवार को ब्लॉक में आदेश आते ही हड़कंप कट गया, यदि ब्लॉक में कार्यों की स्थलीय जांच कराई जाए तो दर्जनों पंचायतों में रिकवरी हो सकती है। बताते हैं कि जिन कार्यों को दिखाकर धनराशि का गबन किया गया, उनमें शबनम कोल्ड स्टोर से सुल्तान के घर तक मिट्टी भराई का 30 हजार एसीसी मरम्मत, नाथूराम के घर से मनोज के घर तक एक लाख 67 हजार तीन सौ रुपये एसीसी मरम्मत, फुटपाथ से कन्हैया के घर तक दो लाख चालीस हजार दो सौ रुपये मिट्टी भराव, नवल के घर तक 25 हजार, सामुदायिक भवन में मिट्टी भराव चौसठ हजार नौ सो चौहत्तर रुपये एवं खेत समतलीकरण छब्बीस हजार दो सो पचास रुपये का गबन दिखाया गया। इस संबंध में बीडीओ महेवा आरआर यादव ने बताया कि डीएम के आदेश का पालन कराकर दोषियों पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।