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एएसपी ने दी थी गोली चलवाने की धमकी

Fri, 06 Feb 2015 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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महेरा चुंगी स्थित विनीत बिहार कालोनी निवासी टीचर शैलेंद्र सिंह राजावत (35) के परिजन उनकी हत्या के बाद शव नाले में फेंके जाने का आरोप लगा रहे थे। मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने इसे हादसा बताने और एएसपी के गोली चलवाने की धमकी के बाद परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। उनका कहना था कि शैलेंद्र 19 दिन से लापता थे, जबकि शव चार-पांच दिन पुराना लग रहा था। उनकी अपहरण के बाद हत्या की गई।
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बता दें कि 17 जनवरी को टीचर के लापता होने के बाद से ही परिजन अपहरण की आशंका जता रहे थे। इसकी रिपोर्ट भी इकदिल थाने में दर्ज कराई गई थी। परिजनों का कहना है कि अपहरण के बाद टीचर की हत्या करके शव नाले में फेंक दिया गया। शव नाले में था और ऊपर से कूड़ा उसे ढके था।

जिससे पता ही नहीं चल रहा था कि नाले में शव पड़ा हुआ है। आसपास के लोगों को जब दुर्गंध आई तो उन्हें शक हुआ और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जब नाले को चेक किया तो किसी व्यक्ति का शव औंधे मुंह पड़ा नजर आया।
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मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने शुरू में भले ही नाले में गिरने से मौत की बात मन ही मन मान ली हो, लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं थे।

जाम की सूचना पर मौके पर पहुंचे एएसपी सर्वानंद यादव ने सूझबूझ से काम नहीं लिया। उनके व्यवहार से पब्लिक और परिजनों का गुस्सा और भड़क गया। अगर वह सूझबूझ से काम लेते तो शायद पब्लिक इतनी उग्र न होती।
जाम की सूचना मिलने पर करीब साढ़े दस बजे एएसपी सर्वानंद यादव मौके पर पहुंचे।

उन्होंने जाम खुलवाने का प्रयास किया। गुस्साए लोगों को उन्होंने समझाने की जगह गोली चलवाने की धमकी दी। इसके बाद पब्लिक भड़क गई। पब्लिक ने एएसपी के साथ गाली गलौज और नारेबाजी की। परिवारीजनों ने इकदिल थाना पुलिस पर भी खोजबीन के नाम पर रुपये लेने का गंभीर आरोप लगाया। एएसपी को देखकर पब्लिक उग्र होती रही। खुद का ज्यादा विरोध होता देख एएसपी को पीछे हटना पड़ा। वह काजी पंप के पास से पीछे हटकर मालगोदाम गेट के पास खड़े हो गए।

परिजनों का कहना था कि शैलेंद्र की हत्या करने के बाद शव अभी दो-तीन दिन पहले ही नाले में डाला गया है। पानी में रहने के बाद शव फूल चुका था। मुंह पर चोटों के निशान थे। शव को देखकर लग रहा था कि हत्या चार-पांच रोज पहले ही की गई है। पुलिस अफसरों के कहने पर जेसीबी को बुलाकर नाले को खंगाला गया तो उसमें मृतक की साइकिल भी बरामद हुई।

रोज खुलती हैं दुकानें, क्यों नहीं आई बदबू  
शैलेंद्र का शव नाले में जिस जगह मिला, वहां आसपास दुकानें हैं और सभी दुकानें रोज खुलती हैं। अगर शैलेंद्र 17 जनवरी को नाले में गिर पड़े थे तो 19 दिन बाद दुर्गंध क्यों उठी। आमतौर पर शव से दो-तीन दिन में दुर्गंध आने लगती है। वहीं 19 दिन पानी में रहने के बाद शव की हालत बेहद खराब हो जाती। पुलिसकर्मियों भी आपस में चर्चा कर रहे थे कि शव तीन-चार दिन से ज्यादा पुराना नहीं है।

चलते बने सपा के दिग्गज
शव मिलने और जाम की सूचना मिलने के बाद करीब 11 बजे के आसपास सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, जिला महासचिव कृष्णमुरारी गुप्ता मौके पर पहुंचे। सपा नेताओं को देखकर पब्लिक ने सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर दी। जिलाध्यक्ष ने तत्काल मुख्यमंत्री को फोन करके एएसपी को हटाने की मांग की। सरकार विरोधी नारेबाजी होती देख और मौके की नजाकत को देखते हुए सपा नेता उल्टे पांव वापस लौट गए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लेते रहे खबर
शव मिलने और जाम की सूचना मिलने के काफी देर बाद भाजपा नेता सरिता भदौरिया अन्य पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने लोगों को समझाने की पूरी कोशिश की। वहीं मौके पर मौजूदा भाजपा नेता गगन चतुर्वेदी के साथ अन्य पदाधिकारियों को फोन करके भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई पूरे घटनाक्रम की जानकारी लखनऊ में बैठे-बैठे लेते रहे।

घड़ी देगी पुलिस को दिशा
मामले की जांच में जुटी पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मृतक की घड़ी से दिशा मिलने की उम्मीद है। मृतक कलाई पर जो घड़ी बांधे था, उसमें टाइम के साथ ही तारीख आने की भी बात पुलिस द्वारा कही जा रही थी। पुलिस ने तत्काल इस घड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस का मानना है कि पानी में जाने के कुछ ही पल बाद इलेक्ट्रानिक घड़ी बंद हो गई होगी। ऐसे में घड़ी में जो तारीख होगी उससे स्पष्ट होगा कि घड़ी पानी में कब गई।

चौधरी पेट्रोल पंप में चटकी लाठी
चौधरी पेट्रोल पंप के पास शव मिला और यहीं लोगों ने जाम लगा दिया। ऐसे में शास्त्री चौराहा और रोडवेज बस स्टैंड की तरफ से आने वाले वाहनों को पुलिस बीएसए दफ्तर की ओर जाने वाली रोड से गुजारने लगी। युवाओं को जब इस बात की जानकारी हुई तो युवाओं ने चौधरी पेट्रोल पंप के पास वाहनों को आड़ा तिरछा खड़ा करके जाम लगा दिया। यहां युवाओं की संख्या कम होने पर पुलिस ने उन्हें लाठीचार्ज करके खदेड़ लिया।

मौके से हटवाई गाड़ियां
बवाल होने पर प्रशासनिक और पुलिस अफसरों ने मौके पर और आसपास खड़ी अपनी-अपनी कारों को तोड़फोड़ के डर से हटवा दिया। अफसरों और पुलिस ने अपने-अपने वाहनों को मालगोदाम के अंदर सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया। इसी बीच मालगोदाम गेट के सामने सड़क पर खड़ी पुलिस की जीप को लोगों ने निशाना बनाने की कोशिश की तो ड्राइवर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल वहां से अपनी जीप को दौड़ा दिया और चौधरी पेट्रोल पंप के पास लाकर खड़ा कर दिया।

घर से क्लीन सेव निकल थे
इटावा। टीचर के भाई शिवेंद्र का कहना है कि शैलेंद्र रोज सेविंग करते थे। 17 जनवरी को क्लीन सेव की थी। गुरुवार को शव पर सप्ताह भर की दाढ़ी उगी मिली। इससे इस आशंका को बल मिलता है कि उसके भाई को बंधक बनाकर रखा गया फिर हत्या की गई। दूसरा सवाल यह उठता है कि काजी पेट्रोल पंप के पास दिन रात लोगों की आवाजाही बनी रहती है। अगर हादसे की बात मानें तो शैलेंद्र जब नाले में गिरे तो किसी ने उनकी चीख पुकार क्यों नहीं सुनी।

ढाई वर्ष पहले हुई शादी
शैलेंद्र सिंह की शादी करीब ढाई वर्ष पहले हुई थी। अभी उनके कोई संतान नहीं थी। पति की मौत के बाद से पत्नी सदमे में है। उधर, टीचर के लापता होने के बाद से परिजन व रिश्तेदार खोजबीन में जुटे थे। दो दिन पहले परिवार के लोग तलाश करते हुए पास के एक गांव पहुंचे थे। भाई का कहना है कि शायद खोजबीन से घबराकर ही अपहरणकर्ताओं ने शैलेंद्र की हत्या कर दी।
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