प्रदेश में पहली जुलाई से चलाए जा रहे ‘आपरेशन मुस्कान’ के तहत यहां भी एक खोई बेटी को उसकी मां को मिलाया गया। मां-बेटी जब मिले तो उनकी अश्रुधारा बहने लगी। बच्ची दिल्ली स्टेशन से लापता हुई थी और पुलिस ने उसे झींझक से मुक्त कराया। पुलिस टीम की सफलता पर उसे एसएसपी ने पुरस्कृत किया है।
बिहार के छपरा जिले के गांव मुकेर निवासी ऊषा देवी पत्नी नरेश प्रसाद अपने भाई के साथ दिल्ली जा रही थी। उसके साथ उसकी 10 वर्षीय पुत्री वर्षा भी साथ थी। चार अगस्त को दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने पर अचानक वर्षा लापता हो गई। घर वालों ने उसे काफी ढूंढा पर वह नहीं मिला। इसके बाद अचानक उनके पास फोन आया कि उनकी पुत्री कानपुर में है।
ऊषा अपने भाई के साथ कानपुर के लिए रवाना हुई लेकिन बीच में उसे फिर फोन पर बताया गया कि उसकी बेटी इटावा में है। इस पर वह यहां स्टेशन पर उतर गई। फिर फोन पर कहा गया कि बेटी कानपुर देहात में है। इससे परेशान होकर ऊषा देवी एसएसपी आफिस पहुंच गईं। वहां उन्होंने एसएसपी मंजिल सैनी से अपनी परेशानी बताई।
इस पर एसएसपी ने तुरंत बच्ची को मुक्त करने के लिए क्राइम ब्रांच टीम को लगाया। क्राइम ब्रांच के प्रभारी राधामोहन द्विवेदी ने अपनी टीम के साथ सर्विलांस के आधार पर झींझक में छापा मारकर वर्षा को मुक्त कराया।
वर्षा ने बताया कि उसे एक महिला उठाकर ले गई थी। वर्षा के मिलने से ऊषा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा । उसने एसएसपी मंजिल सैनी को बधाई दी। वर्षा के बरामदगी पर एसएसपी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की।