हिरमानी गांव में बिजली के तार लगाने के विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में मृतक की पत्नी ने गांव के ही चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने पिता और तीन पुत्रों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। एसएसपी शिवहरी मीना ने गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
थाना ऊसराहार क्षेत्र के हिरमानी गांव में शनिवार देर रात राकेश कुमार उर्फ पप्पू पुत्र प्रकाश कमल की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी ललिता देवी ने बताया कि गांव के ही केदार सिंह अपने तीन पुत्रों राजपाल, रामू और देवेश के साथ उसके घर पर आए। पूर्व में हुएविवाद की बात कहकर पति को पीटने लगे। उन्हें बचाने गांव के लज्जाराम आए तो आरोपियों ने उन्हें भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोपियों ने राकेश को गोली मार दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शिवहरी मीना ने रात में ही भारी पुलिस बल घटनास्थल तैनात कर दिया। एसएसपी शिवहरि मीना ने थानाध्यक्ष आलोक राय को अभियुक्तों को शीघ्र पकड़ने का निर्देश दिया है। घटना में अभियुक्त बनाए गए केदार सिंह के भी काफी चोट लगी है। उसे पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। लज्जाराम का भी चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
बिजली का पोल रंजिश का कारण
ऊसराहार। हिरमानी गांव में बिजली का पोल और कटिया डालने को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान शनिवार को खूनी रंजिश में तब्दील हो गई। जिसमें एक पक्ष से युवक की जान की चली गई। दूसरे पक्ष के एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हैं।
हिरमानी गांव में विद्युतीकरण कराया गया था। उस वक्त बिजली का पोल केदारनाथ के दरवाजे लगाया जा रहा था। केदार ने इसका विरोध किया। इस पर ठेकेदार ने वहां से पोल हटा लिया। केदार के ही पड़ोसी प्रकाश कमल ने पोल को अपने दरवाजे लगवा लिया। यहीं से दोनों के बीच मनमुटाव हो गया। इसके बाद अक्सर प्रकाश से उनका झगड़ा होता रहता था। केदारनाथ के परिजन भी कटिया डालने जाते थे। प्रकाश इसके लिए रोकता था, इस पर दोनों के बीच कहासुनी होती रहती थी। शनिवार शाम केदारनाथ जब कटिया डालने गया तो प्रकाश के परिजनों ने उसकी जमकर धुनाई कर दी। उसकी पिटाई होते देख कुछ लोगों ने इसकी जानकारी खेतों में काम कर रहे उसके पुत्रों को दी। इसके बाद उसके तीनों पुत्र दौड़कर वहां पहुंचे। केदारनाथ बुरी तरह से चोटिल होकर वहां पड़ा था। ये देखकर उसके पुत्रों का खून खौल गया। तमंचा उठाकर वे सीधे प्रकाश के घर पहुंचे। प्रकाश और उसके पुत्र को आवाज देकर बाहर बुलाया। जैसे ही राकेश उर्फ पप्पू बाहर निकला, तमंचे से उसे गोली मार दी।