समाजवादी पार्टी में शीर्ष स्तर पर चल रहे सियासी घमासान के बीच मंगलवार को मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह प्रदर्शनी पंडाल में शहीदों की श्रद्धांजलि यात्रा में एक साथ शामिल होेंगे। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुलायम सोमवार शाम को ही यहां पहुंच गए है। सुबह तक शिवपाल के भी पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में पार्टी में छिड़ी रार के बीच बहुत दिनों बाद यह ऐसा सार्वजनिक कार्यक्रम होगा, जिसमें दोनों नेता एक साथ एक मंच पर मौजूद होंगे। खास बात यह है कि शहीदों की याद में होने वाले समारोह का आयोजन सपा के सुनील यादव पिछले पंद्रह वर्षों से करते हैं। सुनील को शिवपाल गुट से जुड़ा हुआ माना जाता रहा है और मुलायम के लोग नामक संगठन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मालूम हो कि इटावा के प्रदर्शनी पंडाल में पिछले 17 वर्षों से शहीदों के सम्मान में श्रद्धांजलि यात्रा निकाली जाती है। इस यात्रा की शुरूआत पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील यादव ने की थी। इतने वर्षों के दौरान पार्टी चाहे सरकार में रही हो अथवा विपक्ष में। यात्रा को झंडी दिखाने का काम शिवपाल सिंह यादव ही करते रहे हैं। पार्टी में सियासी घमासन के बीच इस बार यह यात्रा काफी चर्चा में है। मुलायम सिंह यादव के आने के बाद से कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है। पहले से ही तय कार्यक्रम के अनुसार मुलायम सिंह सोमवार को इटावा पहुंच भी गए। इस दौरान उन्होंने पूर्व मंत्री रामसेवक यादव और रामनरेश यादव मिनी से एकांत में बातचीत भी की। अब कार्यकर्ताओं को शिवपाल सिंह का इंतजार है।
उधर,इस कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए सपा नेता रामसेवक यादव गंगापुरा, पूर्व एमएलसी रामनरेश यादव मिनी, सेवानिवृत निरीक्षक रामनाथ सिंह यादव ने सोमवार को बसरेहर एवं सैफई ब्लाक के दर्जनों गांवों का दौरा किया। वहीं कार्यक्रम के संयोजक सुनील यादव ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव का जिला है। वह कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और बातचीत करेंगे। ऐसे में इसके और कोई राजनैतिक मायने नहीं निकाले जाने चाहिए।