मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट लायन सफारी में शावकों की मौत से बौखलाए डाक्टरों ने शनिवार की रात लायन सफारी के एक चौकीदार को बंधक बनाकर उसके साथ जमकर मारपीट की।
उनका कहना था कि उसने शावकों के मौत की खबर मीडिया को दी। बाद में चौकीदार पर शराब पीकर हंगामा करने का आरोप लगाते हुए उसे डाक्टरी परीक्षण के लिए भेजा गया। मेडिकल में चौकीदार के शरीर पर 16 चोटें पाई गईं। चौकीदार ने सिविल लाइंस थाने में प्रार्थनापत्र दिया है। मारपीट की इस घटना से चौकीदारों में आक्रोश है।
पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। लायन सफारी में पिछले दिनों एक-एक कर चार शावकों की मौत हो चुकी हैं। यहां से संबंधित सूचनाएं छिपाने की लायन सफारी काफी कोशिश करता रहा लेकिन इसके बावजूद मीडिया में लगातार खबरें आती रहीं।
सूत्रों के मुताबिक, लायन सफारी प्रशासन इस बात का पता लगाने में लगा था कि यहां की खबरें बाहर कैसे निकलीं? अधिकारियों ने चौकीदारों की बैठक कर उन्हें निर्देश दिए कि अंदर की बात बाहर नहीं जानी चाहिए। शुक्रवार की रात को चौकीदार ऋषि यादव पुत्र जगदीश यादव निवासी सामपुर थाना विधूना अपने कमरे में लेटा था।
आरोप है कि रात करीब बारह बजे उसे निदेशक के कमरे में बुलाया गया। वहां मौजूद डाक्टरों व चालक ने उसे पकड़ लिया और बंधक बनाकर लाठी-डंडों से जमकर धुना। मारपीट करने वाले लोग कह रहे थे कि इसने ही सूचनाएं लीक की है।
ऋषि ने बताया कि उसके साथ तब तक मारपीट की गई जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। होश आने पर उस पर शराब पीकर हंगामा करने व अधिकारियों से अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए डाक्टरी परीक्षण के लिए भेजा गया। मेडिकल होने के बाद उसे फिर से बंधक बनाकर रखा गया।
मारपीट व बंधक बनाने की जानकारी जब उसके साथियों को लगी तो उन्होंने हंगामा किया। इसके बाद उसे छोड़ा गया। उसने अपने साथियों के साथ सिविल लाइंस थाने तहरीर दी। एसओ सिविल लाइन भरत कुमार पांडे ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
एडीएम और डीएफओ ने समझाया
इटावा। लायन सफारी में चौकीदार की पिटाई के बाद नाराज कर्मचारियों ने रविवार की शाम के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। वे आरोपी डाक्टर को सस्पेंड करने की मांग कर रहे थे।
इस सूचना पर एडीएम ईश्वरचंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को समझा-बुझाकर गेट का ताला खुलवा दिया। इसके बाद सफारी की व्यवस्था का हवाला देकर सेंचुरी क्षेत्र के डीएफओ अनिल पटेल भी कर्मचारियों को शांत रहने के लिए समझाते रहे।
शनिवार की देर रात सफारी के डाक्टरों और चालक ने चौकीदार ऋषि को पीट दिया था। उस पर आरोप लगाया गया कि इसी ने शावकों के मरने और बीमार होने की जानकारी बाहर पहुंचाई है। पिटाई के बाद चौकीदार ने जिला अस्पताल में दिखाया। इसके बाद उसने आरोपियों के खिलाफ थाने में तहरीर दी।
बाद में सफारी पहुंचे चौकीदारों, माली और गेट कीपरों समेत अन्य कर्मचारियों ने नाराजगी जताते हुए मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। साथ ही नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही एडीएम मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारियों को समझा बुझाकर शांत कराया।
इसके बाद कर्मचारियों ने गेट का ताला खोल दिया। कर्मचारियों ने आरोपियों को सस्पेंड करने की मांग की। इस पर अधिकारी उनको दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देते रहे। काफी देर तक एडीएम और डीएफओ सफारी के अंदर कर्मचारियों को समझाते रहे।
कर्मचारी डाक्टरों और सफारी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। डीएफओ ने बताया कि कर्मचारियों में कुछ गलतफहमी हो गई थी। उनको समझा बुझाकर शांत कर दिया गया है। कर्मचारी अपने काम में लग गए हैं।
‘सही देखरेख होती तो बच सकते थे शावक’
लायन सफारी में मारपीट का शिकार हुए चौकीदार व उसके साथियों ने बताया कि अगर शावकों की सही तरीके से देखभाल होती तो उन्हें बचाया जा सकता था।
चौकीदार ऋषि यादव, जुगेंद्र सिंह व लक्ष्मीचंद्र का आरोप है कि लायन सफारी में तैनात डाक्टर व उनके अधीनस्थ कर्मचारी अगर सही तरीके से देखभाल करते तो सभी शावकों की मौत नहीं होती। यहां तैनात डाक्टर हमेशा नशे में धुुत रहते हैं। अपनी गलतियों को वह दूसरे के सिर मढ़ देते हैं।
आए दिन कर्मचारियों के साथ मारपीट की वारदातें होती रहती हैं। डाक्टरों ने उसे भी धमकी दी है कि शावकों की मौत का आरोप उसके सिर पर लगाकर 12 साल के लिए जेल भिजवा देगें। धमकी से चौकीदारों में दहशत का माहौल बना है। इन लोगों ने अपनी सुरक्षा की भी मांग की।