कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गाड़ीपुरा में प्लाट के विवाद में दलित मान सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में नामजद वकील निखिल अग्रवाल को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर सोमवार को वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। एक दर्जन वकीलों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर एसएसपी चौराहे पर जाम लगा दिया। एसएसपी ने कहा कि किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा, इस आश्वासन पर वकील शांत हुए।
कोतवाली क्षेत्र में मोहल्ला गाड़ीपुरा में दो दिन पूर्व एक प्लाट के विवाद में दलित मान सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के भतीजे राजकुमार ने वकील निखिल अग्रवाल सहित 16 लोगों के खिलाफ हत्या और रंगदारी की मांग करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने निखिल सहित चार नामजद लोगों को हिरासत में ले लिया। साथी को हिरासत में लिए जाने से वकीलों ने हड़ताल कर काम का बहिष्कार किया था। सोमवार को वकील कचहरी से नारेबाजी करते हुए एसएसपी चौराहे पहुंचे और जाम लगा दिया। ये देख पुलिस कर्म्यों ने आवास के गेट बंद कर दिए। एसओ सिविल लाइन नासिर हुसैन ने वकीलों को समझाने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे बाद एसएसपी एन कोलांचि बाहर निकले और वकीलों से बात की। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। इस आश्वासन के बाद वकीलों ने जाम खोल दिया।
उधर इस मामले में डीबीए अध्यक्ष अशोक बाबू दुबे और महामंत्री बृजेश दुबे ने एसएसपी से मुलाकात कर अधिवक्ता को तुरंत छोड़ने की मांग की। कहा कि वकील को फर्जी तरीके से नामित कर दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि उसे तुरंत नहीं छोड़ा गया तो वकील अग्रिम कार्रवाई का निर्णय लेंगे। मौके पर अमित पांडे, अश्वनी सिंह, पद्मा मिश्रा, अंब्रीश पांडे, रामेंद्र मिश्रा, आशीष तिवारी, सत्येंद्र पाल, अनुपम मिश्रा, हैप्पी ठाकुर मौजूद रहे।