वर्ष 2015 में इलेक्ट्रानिक्स दुकानदार के भाई को दिनदहाड़े मौत के घाट उतारने वालों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश नवम डॉ. विजय कुमार ने यह फैसला सुनाया। सजा पाने वालों में तीन युवक और उनके पिता शामिल हैं। चारों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पडे़गा।
शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि साबितगंज में मोहम्मद जुबैर उर्फ शेरू नौ मार्च 2015 को अपने भाई आरिफ उर्फ बब्लू पुत्र हारुन कुरैशी की इलेक्ट्रॉनिक्स की दुुकान पर बैठा था। उसी समय साकिर कुरैशी और उनके पुत्र हैदर, कल्लू पहलवान और आरिफ वहां पहुंचकर गालीगलौज करने लगे। हैदर, आरिफ और कल्लू ने फायरिंग कर दी। गोली जुबैैर उर्फ शेरू को लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस घटना से आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई। आरिफ ने किसी तरह भागकर जान बचाई।
इस संबंध में आरिफ ने हैदर, आरिफ, कल्लू पहलवान के अलावा साकिर कुरैशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने चारों को दोषी करार देकर फैसला सुनाया।