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गोशाला की बाउंड्री तोड़कर खेतों में घुसे गोवंश

Tue, 05 Feb 2019 11:39 PM IST
प्रतीक दुबे अमर उजाला, इटावा
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परौली रामाइन में प्रदर्शन करते किसान। - फोटो : amar ujala
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परोली रामायन में गोशाला में 500 गोवंशों को रखने के लिए भूसे की व्यवस्था की गई, लेकिन 1000 गायों के पहुंचने से दो दिन से भूसे का संकट है। सोमवार रात को भूख से व्याकुल जानवरों ने पीछे की तारों की बाउंड्री तोड़ दी और खेतों में घुस आईं। सौ से अधिक अन्ना गोवंशों ने करीब 80 बीघा गेहूं की फसल बर्बाद कर दी। गुस्साए किसानों ने परोली रामायन गोशाला पर जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही घटना की जानकारी आलाधिकारियों को दी। लेकिन काफी देर इंतजार करने पर कोई आलाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। कर्मचारियों ने समझा-बुझाकर ग्रामीणों को लौटाया। वहीं, देर शाम को बाउंड्री को ठीक करने का काम किया गया।
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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने जनपद की हर ग्राम पंचायत में गोशालाओं का निर्माण कराने का आदेश दिया था। इसके बाद से जनपद में अन्ना गोवंशों की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने बसरेहर की परोली रामइन में गोशाला का निर्माण कराया था। पिछले दिनों यहां करीब 1000 से अधिक गायों को भेज दिया गया। भूसे की व्यवस्था नहीं होने से दो दिन से गोवंश परेशान थे। भूख से व्याकुल गोवंशों ने सोमवार रात को गोशाला की तार और एंगल की बाउंड्री को तोड़ दिया और आसपास के नगला हिदपुरा के खेतों में घुस गईं। गोवंशों के झुंड ने करीब 80 बीघा गेहूं की फसल चर डाली। इससे गांव में हाहाकार मच गया। गुस्साएं ग्रामीणों ने परोली रामाइन गोशाला में जमकर हंगामा किया। साथ ही इसकी सूचना कर्मचारियों ने आलाधिकारियों को दी। हालांकि मौके पर कोई अफसर नहीं पहुंचा। बाद में कर्मचारियों ने समझाकर ग्रामीणों को लौटा दिया। बीडीओ अतुल यादव का कहना है कि वह रोजाना परौली रामइन में 20 क्विंटल भूसा भेज रहे हैं। लेकिन, गोवंशों की संख्या अधिक होने से भूसे का संकट बना है। पीछे के रास्ते से गोवंशों के झुंड ने तार तोड़ दिए और आसपास के खेतों में घुस गए। उन्होंने दोबारा से तारों को जुड़वाया है।  फसल बर्बाद होने से नाराज किसानों ने एक घंटा तक बवाल किया। इस दौरान किसान विमल कुमार, राजेश कुमार, राम वीर, मनु, राम किशोर, देवेंद्र कुमार, मुकुट सिंह ने समस्या से निस्तारण की मांग की।


बीमारी से चलते एक गाय की मौत  
एक सप्ताह पहले सांड़ के हमले से एक गाय जख्मी हो गई थी। इसका इलाज परोली रामइन में चल रहा था। इसकी मंगलवार को मौत हो गई। गोशाला के कर्मचारियों की सूचना पर प्रशासनिक अफसरों ने गाय का पोस्टमार्टम कराया है।  
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अधिक संख्या होने पर गोवंशों को लौटाया
परौली रमाइन गोशाला में गोवंशों की अत्यधिक संख्या हो गई है। चारा का संकट को देखते हुए कर्मचारियों ने गोवंशों को लौटाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि चार लोग गोवंशों को लेकर आए थे, लेकिन चारा का संकट होने से दिक्कत है। इस लिये गोवंशों को लौटाया गया। रमाकांत पुत्र सोबरन सिंह, राम किशोर पुत्र सोबरन सिंह, सौरभ पुत्र साहिब सिंह ग्राम नगला तुला को वापस लौटा दिया गया।  
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