आठ दिन पहले एक महिला की मौत हो गई। उसका शव मिला और मायके वालों ने शिनाख्त भी कर ली। ससुरालियों पर हत्या का आरोप मायके वालों की ओर से लगाया गया और रिपोर्ट के लिए पुलिस को तहरीर भी दी गई।
आठ दिन बाद महिला को जिंदा देखकर सभी हैरान हो गए। यह किसी फिल्म की कहानी नहीं बल्कि सच्चाई है। पुलिस ने महिला को प्रेमी सहित शहर के रामगंज मोहल्ला से पकड़ा है।
सैफई थाना क्षेत्र के गांव त्रिलोकपुरा निवासी संजीव यादव की पत्नी आरती (28) गत तीन अप्रैल को रहस्यमय तरीके से ससुराल से लापता हो गई। उसके ससुर जसवंत सिंह ने इस संबंध में सैफई थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी थी तभी 16 अप्रैल को फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र में एक युवती का शव बरामद किया गया।
उसके हाथ पर आरती लिखा था। जानकारी मिलने पर आरती की मां मीरा देवी तथा भाई विपिन निवासी काशीपुर परिजनों के साथ मोहम्मदाबाद पहुंचे और शव की शिनाख्त अपनी बेटी आरती के रूप में की। बाद में मायके वालों ने ससुरालियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सैफई थाने में हत्या की तहरीर दी।
गुमशुदगी और फिर बाद में शव मिलने के बाद भी पुलिस ने अपनी तफ्तीश जारी रखी। सर्विलांस की मदद से पुलिस को युवती की लोकेशन फिरोजाबाद और इटावा में मिल रही थी। उसका मोबाइल भी चालू था। शुक्रवार की शाम को सैफई थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम को जानकारी मिली कि आरती रामगंज मोहल्ला के एक मकान में मौजूद है।
सूचना पर पुलिस ने वहां छापा मारकर आरती व उसके प्रेमी प्रदीप पुत्र भगवानदास निवासी नगला मठी थाना सैफई को दबोच लिया। आरती को जिंदा पाकर मायके और ससुरालीजन आश्चर्य में पड़ गए। सीओ सैफई अरुण कुमार दीक्षित ने बताया कि आरती की मां मीरा तथा भाई विपिन ने मोहम्मदाबाद शव की शिनाख्त की थी।
मायके वाले ससुरालीजनों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने का दबाव डाल रहे थे। वहीं पूछताछ में आरती के पति संजीव ने बताया कि उसके हाथ पर आरती नहीं लिखा था। इससे पुलिस का माथा ठनका। पुलिस ने आरती के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया तो उसकी लोकेशन मिल गई।
युवती को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया है जबकि प्रेमी युवक पुलिस की हिरासत में है। पुलिस का कहना है कि यदि आरती के ससुरालीजन कोई तहरीर देंगे तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।