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बच्चा बदलने का आरोप लगा किया हंगामा

Sun, 25 Nov 2018 11:40 PM IST
अमर उजाला, इटावा
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जिला महिला अस्पताल में हंगामा करते पीड़िता के परिजन। - फोटो : amar ujala
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जिला अस्पताल में दंपति ने रविवार को स्टाफ पर बच्चा बदलने का आरोप लगाकर हंगामा किया। दंपति का कहना है कि  रजिस्टर में बेटा काटकर बेटी लिखा गया है। बेटा होने की बात कहकर नर्सों ने उनसे एक हजार रुपये भी ले लिए। अस्पताल स्टाफ ने सभी आरोपों को नकारा है।
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विजयनगर निवासी नंद किशोर दुबे ने बताया कि शनिवार रात करीब दो बजे 108 एंबुलेंस से उन्होंने अपनी गर्भवती पत्नी अन्नू दुबे को पड़ोसी कृष्णा देवी के साथ जिला महिला अस्पताल भेजा था। वे खुद पैदल अपने बेटे के साथ अस्पताल आ रहे थे। जब तक वे अस्पताल पहुंचे तब तक पत्नी का प्रसव हो चुका था। रात करीब तीन बजे उन्हें बताया गया कि बेटा हुआ है। इस खुशी में नर्सों ने उनसे 11 सौ रुपये मांगे थे। 500 रुपये देने पर नर्सों ने रुपये फेंक दिए। इसके बाद उन्होंने एक हजार रुपये दिए थे।

नंद किशोर दुबे ने बताया कि इसके बाद नवजात को पहनाने के लिए जब कपड़े लेकर लौटा तब पता चला कि बेटी हुई है। इस पर उसने विरोध किया। अब अस्पताल का स्टाफ भी लड़की होने की बात कह रहा है। नंद किशोर का कहना है कि उसका यह तीसरा बच्चा है। एक बेटी और एक बेटा पहले से हैं।  
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बच्चा बदलने का आरोप गलत है: सीएमएस  
बच्चा नहीं बदला गया। प्रसव के दौरान मरीज के साथ एक सहायक रहती है। बच्चा रात करीब दो बजे हुआ। जबकि बच्चा बदलने का आरोप सुबह आठ बजे लगाया गया। ऐसे में उन्हें डीएनए जांच कराने की सलाह दी गई है। मजिस्ट्रेट के पत्र लिखने पर लखनऊ से टीम आकर प्रसूता के पति की डीएनए जांच करेगी। उस दौरान तीन बच्चे पैदा हुए थे। सभी मरीजों के साथ एक-एक सहायक थीं। - डॉ. अशोक जाटव, सीएमएस
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