इटावा। बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) का कैशियर ग्राहकों के जमा किए गए रुपये सट्टे में लगा देता था और दांव फंसने पर बाद में रुपये जमा कर देता था। सीसीटीवी में रुपये ले जाते देख प्रबंधक ने मुकदमा दर्ज कराया था, मंगलवार को पुलिस ने कैशियर को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को उसे निलंबित भी कर दिया गया।
बैंक ऑफ बड़ौदा की चौगुर्जी शाखा के कैशियर संतोष कुमार मिश्रा 14 नवंबर को ड्यूटी के दौरान लापता हो गए थे। इस पर शाम को प्रबंधक एके सक्सेना ने दूसरे कर्मचारी को कैश काउंटर पर बैठाया। उसने रुपये गिने तो 14.34 लाख रुपये कम निकले। इस पर प्रबंधक ने संतोष कुमार मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को भरथना बस स्टैंड से कैशियर को गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ सिटी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि कैशियर लंबे समय से गड़बड़ी कर रहा था। वह ग्राहकों को मुहर लगाकर पर्ची तो दे देता था लेकिन उनके खाते में चढ़ाता नहीं था। ग्राहकों की धनराशि वह अपनी जेब में रख लेता था।
सीओ के अनुसार 14 नवंबर को कैशियर ने बैंक से 10 हजार रुपये ही निकाले थे। उन्होंने बताया कि पूछताछ में कैशियर ने बैंक का पैसा सट्टे में लगाने की बात कबूल की है। कोतवाली प्रभारी अनिलमणि ने बताया कि फरारी के दौरान कैशियर कानपुर, चौबेपुर, फर्रुखाबाद ,कन्नौज जिलों में रहा था।