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इटावाः मारपीट में घायल युवक की मौत पर हंगामा

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हंगामा कर रहे परिजनों को समझाते सीओ भरथना विजय सिंह। संवाद - फोटो : ETAWAH
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बकेवर। 26 दिन पहले मारपीट में घायल युवक की सोमवार रात मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंचे अफसरों से हत्या की धारा बढ़ाने, आरोपियों को गिरफ्तार करने और मुआवजा दिलाने की मांग कर अंतिम संस्कार रोक दिया। रात तक अफसरों से बातचीत चलती रही।
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महासिंहपुर गांव निवासी मोहर सिंह जाटव (45) गांव में ही साइकिल की मरम्मत की दुकान किए था। कई दिन पहले शाला गांव निवासी राजवीर यादव ने मोहर सिंह से साइकिल की मरम्मत कराई थी। इसके 500 रुपये उधार कर दिए थे। 11 अगस्त की शाम मोहर सिंह अपने बहनोई के साथ राजवीर से उधारी के पैसे मांगने गया। इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। राजवीर ने अपने बेटों सौरभ व मयंक के साथ मिलकर मारपीट कर दी। घायल मोहर सिंह को कस्बे के ही एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर परिजन उन्हे सैफई मेडिकल कॉलेज और लखनऊ पीजीआई ले गए। हालत में सुधार होने पर परिजन घर ले आए थे। तीन सितंबर को हालत खराब होने पर परिजन ग्वालियर के निजी अस्पताल ले गए। वहां सोमवार रात मोहर सिंह की मौत हो गई।
मंगलवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। एसडीएम चकरनगर मलखान सिंह, सीओ भरथना विजय सिंह और इंस्पेक्टर बकेवर विद्या सागर सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। सहसों व चकरनगर थानों से फोर्स बुला ली गई। परिजनों ने मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाने, आरोपियों को गिरफ्तार करने और मुआवजा दिलाने की मांग की। पुलिस ने मुकदमे में धारा बढ़वाकर अंतिम संस्कार करने के लिए कहा तो परिजन बाकी दो मांगों को भी पूरा करने की मांग पर अड़ गए। सीओ भरथना ने बताया कि परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगी हैं।
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मोहर सिंह जाटव की पांच पुत्रियां रोशनी, आरती, ज्योति, खूशबू और मानसी हैं। इनमें तीन की शादी होना अभी बाकी है। पत्नी की दो साल पहले बीमारी से मौत हो हो गई थी। मृतक मोहर सिंह की मां रामबेटी (68) को बेटे की हालत देखकर गहरा सदमा लगा था। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों से लगातार मिल रही धमकी के कारण उनकी हालत और खराब हो गई। आठ दिन पहले सदमे के कारण उनकी मौत हो गई थी।
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