सैफई। कक्षा पांच से साथ रहे चार यारों में से तीन ने दुनिया को अलविदा भी एक साथ कहा। एक दोस्त ग्वालियर के निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। तीनों दोस्तों के शव गांव पहुंचने पर हर आंख नम हो गई। हर कोई सिर्फ यही कह रहा था कि हंसते-खेलते बच्चे इस तरह दुनिया छोड़ देंगे, किसी ने सोचा नहीं था। परिजनों का रोकर बुरा हाल है।
शुक्रवार रात मैनपुरी में हुए हादसे में थाना सिविल लाइन के सराय दयानद निवासी धीरज (18) पुत्र राम प्रकाश, इसी मोहल्ले के अंकित (20) पुत्र बृजेश व थाना सिविल लाइन के लोहन्ना अड्डा निवासी तेजपाल (22) पुत्र दिलासाराम की मौत हो गई थी। नीरज पुत्र धर्मजीत घायल हो गया था। यह चारों बचपन के देस्त हैं। परिजनों के अनुसार सभी इटावा के ही स्कूल में कक्षा पांच से लेकर कक्षा 12 तक साथ पढ़े हैं। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर चारों मजदूरी कर घर का सहयोग करते थे। काम भले सब अलग-अलग करते थे, लेकिन दिन में कई बार फोन पर बात करना और अक्सर शाम को मिलना नहीं भूलते थे। पोस्टमार्टम के बाद जब तीन दोस्तों के शव गांव पहुंचे तो सभी की आंखें नम हो गईं।
मृतक अंकित दो भाइयों में बड़ा था। पिता बृजेश ने उससे बहुत उम्मीदें थीं। बड़ा बेटा होने कारण पढ़ाई छोड़ कर घर चलाने के लिए मजदूरी करता था। धीरज तीन भाइयों में सबसे छोटा था। आर्थिक स्थिति ठीक ने होने के कारण धीरज मजदूरी कर घर चलाने में अपने पिता का हाथ बंटाता था। पांच भाइयों में सबसे बड़ा तेजपाल भी अपने पिता के साथ मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। पूर्व चेयरमैन और सदर विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी रहे कुलदीप गुप्ता संटू ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया।
मृतक अंकित की फाइल फोटो। संवाद- फोटो : ETAWAH
मृतक तेजपाल की फाइल फोटो। संवाद- फोटो : ETAWAH