इटावा। सैफई चिकित्सा विवि के कुलसचिव की ओर से मेसर्स शाबरीन चौधरी बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर एंड प्लंबरिंग वर्क्स इटावा (प्रोपराइटर सिराज चौधरी) के खिलाफ सैफई थाने में तहरीर दी गई है। 2007 में इस कंपनी के पास विवि की सफाई का ठेका था।
कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा ने बताया कि 2007 में विश्वविद्यालय में सफाई व्यवस्था का कार्य करने वाली मेसर्स शाबरीन चौधरी बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर एंड प्लंबरिंग वर्क्स इटावा (प्रोपराइटर सिराज चौधरी) के विरुद्ध वित्तीय राजस्व की हानि एवं गबन घोटाला के प्रावधानों के कारण 05 दिसम्बर 2019 को प्राथमिक दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई थी। संबंधित फर्म को बाद में हटा भी दिया गया था। वर्तमान में विश्वविद्यालय में हरियाणा के फरीदाबाद की मेसर्स शार्प ग्लोबल ग्रुप सफाई का काम देख रही है।
पूर्व ठेकेदार सिराज चौधरी के खिलाफ कर्मिकों को विश्वविद्यालय के विरुद्ध भड़काने, हड़ताल पर जाने, उन्हें उकसाने, कार्य में सहयोग न करने व महामारी के दौरान कार्य में बाधा उत्पन्न करने एवं विश्वविद्यालय की संपत्ति को तोड़फोड़ करने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया गया है।
58 हाउसकीपरों की समस्याओं पर विचार करने एवं उन्हें समझाने के लिए प्रतिकुलपति डॉ. रमाकान्त यादव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमिटी का गठन किया गया है। इसमें कुलसचिव, वित्त नियंत्रक, ओएसडी प्रो. शैलेंद्र कुमार यादव एवं विश्वविद्यालय के ओएसडी जयशंकर प्रसाद को शामिल किया गया है।