मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी जिले से इंवायरमेंट यूनिवर्सिटी अथवा सारस संरक्षण के लिए शोधकेंद्र खोलने का प्रस्ताव मिला तो उसे मंजूरी दी जाएगी। इसके लिए हर हाल में बजट का इंतजाम किया जाएगा।
वह मंगलवार को इटावा के सैफई के रिम्स ऑडीटोरियम हॉल में आयोजित दो दिवसीय सारस एवं वेटलैंड संरक्षण संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी में यूएसए, आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन सहित नौ देशों के लगभग दो दर्जन विशेषज्ञ, शोधकर्ता, सारस फोटोग्राफर आदि शामिल हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सारस मित्रों को एक हजार रुपया प्रतिमाह मानदेय देने का एलान करते हुए उनकी संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया। कहा कि अभी तक वटलैंड एरिया में ही सारस मित्र है। फिर भी जिन स्थानों पर संभावनाएं हैं।
वहां भी इनका चयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इंटरनेशनल सारस फाउंडेशन के साथ समझौते पर दस्तखत करते हुए मैनपुरी के समान वेेटलैंड के विकास 150 करोड़ से किए जाने की भी घोषणा की। कहा कि शेखर झील को वेटलैण्ड की तरह विकसित करने का फैसला कैबिनेट में लिया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि सारस प्रदेश पक्षी है। इसलिए इसके संरक्षण में हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा। वेटलैंड क्षेत्र के किसानों को भी सरकार सुविधा देगी, जिससे वह भी सारस के संरक्षण में सहयोगी बनें। उद्घाटन समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यूपी में गठबंधन की बात कहने वालों के पास जनता को देने के लिए कुछ भी नहीं है।
समाजवादी पार्टी अपने कार्यों की दम पर अकेले ही चुनाव मैदान में उतरेगी। पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह के चुनाव घोषणापत्र को एक बार फिर से लेकर जनता के बीच जाएगी।