इटावा। सात साल पुराने नाबालिग छात्रा के अपहरण व दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने युवक को दोषी करार दिया। बुधवार को जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश (पास्को एक्ट) दिनेश कुमार चौरसिया ने आरोपी को दस साल की सजा व दस हजार रुपये जुर्मा लगाया है। अभियोजन पक्ष की तरफ से वकील दशरथ सिंह चौहान की पैरवी पर कोर्ट ने सजा का आदेश किया है।
भरथना निवासी भूपेंद्र सिंह यादव उर्फ नाहर सिंह आठ नवंबर 2013 को एक नाबालिग छात्रा को अपने साथ बहला-फुसलाकर शिकोहाबाद ले गया था, जहां किसी के घर में छात्रा को रखा। इसके बाद वह छात्रा को लेकर दिल्ली फिर चेन्नई चला गया। चेन्नई में दोनों किराये के मकान में रुके, जहां युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। छात्रा ने दुष्कर्म का विरोध कर घर जाने की बात की तो युवक उसे लेकर इलाहाबाद पहुंचा, जहां उसने नाबालिग से शादी की और भरथना ले आया था। पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने भूपेंद्र सिंह को दोषी करार दिया। उसे दस साल की सजा व दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है।