इटावा। सफारी पार्क में कोरोना संक्रमित शेरनियों जेनिफर और गौरी की हालत मंगलवार को भी स्थित बनी रही। कोरोना संक्रमित इन शेरनियों पर कानपुर जू के डॉक्टर आरके सिंह और उनकी टीम लगातार नजर रख रही है। कोरोना संक्रमित होने के संदेह में कई कर्मचारियों को हटा दिया गया है।
इटावा सफारी पार्क के जिस अस्पताल में शेरनियों का इलाज चल रहा है, वहां तैनात कर्मचारियों के बाहर आने-जाने पर रोक भी लगा दी गई है। इधर, मंगलवार को भी गौरी ने सूप पिया और थोड़ा का भोजन किया। वहीं, जेनिफर ने केवल सूप पिया।
सफारी पार्क में तैनात दो कर्मचारी सोमवार को भी संक्रमित पाए गए थे। जबकि, पांच कर्मचारी पहले संक्रमित मिले थे। इन सभी को शेरों व शेरनियों से दूर रखा जा रहा है। माना जा रहा है कि करीब 22 दिन पहले ब्रीडिंग सेंटर में तैनात एक कर्मचारी कोरोना संक्रमित हुआ था। संभव है कि उसकी वजह से ही दोनों शेरनियों को कोरोना का ट्रांसमिशन हुआ हो।
इधर, जेनिफर व गौरी से सफारी पार्क में शेरों का कुनबा बढ़ाने की कोशिश चल रही है। जे निफर ने करीब एक साल पहले सफाई पार्क में ही एक शावक को जन्म दिया था। दोनों शेर नियों के कोरोना संक्रमित होने से सफारी पार्क के अधिकारियों के माथे में चिंता की लकीरे देखी जा सकती हैं।
दोनों शेरनियों की हालत स्थिर है। अफसर लगातार बीमार जेनिफर व गौरी पर नजर रख रहे हैं। दोनों को अभी भी हल्का भोजन दिया जा रहा है। एक्सपर्ट डॉक्टरों से भी इन शेरनियों के इलाज के बारे में विचार -विमर्श किया जा रहा है। केके सिंह, निदेशक, इटावा सफारी पार्क
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