इटावा। जिले भर के लोगों की प्यास बुझाने का दावा करने वाले प्रशासनिक अफसरों के कार्यालयों में भी फरियादियों को ठंडा पानी नहीं नसीब हो रहा है। दफ्तरों के बाहर वाटर कूलर तो लगे हैं, लेकिन इनमें कुछ खराब है।
कई तो ठंडा पानी नहीं दे रहे हैं। इनसे निकलने वाला पानी लोगों का मुंह जला रहा है। जगह-जगह लगे हैंडपंप या तो खराब हैं या फिर इनका पानी पीने लायक नहीं है। मजबूरी में लोगों को पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। प्रस्तुत है कलक्ट्रेट स्थित कुछ दफ्तरों की रिपोर्ट।
कलक्ट्रेट परिसर में जिले की मुखिया जिलाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी बैठते हैं। समाज कल्याण, प्रोबेशन, भू राजस्व जैसे कार्यालय भी हैं। यहां के अफसरों-कर्मचारियों और फरियादियों को ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए एकमात्र वाटर कूलर लगा है। इसमें भी ठंडा पानी नहीं आता। वाटर कूलर पर ठंडा पानी लिखा है, परंतु इसमें गर्म पानी निकलता है। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने लगे वाटर कूलर में बिजली का कनेक्शन खराब होने के साथ पानी की सप्लाई भी बंद है।
तहसील सदर में तहसील और रजिस्ट्री दफ़्तर है। यहां बैनामा की लिखाई आदि कराने खसरा खतौनी लेने आदि कामों को लेकर ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना रहता है। यहां के हालत और भी खराब हैं। कोई हैंडपंप ठीक नहीं है। पीने के पानी के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। एक टोंटी जरूर मंदिर के पास लगी है। उसमें भी साफ सफाई होती है या नहीं, किसी को नहीं पता। दिन भर टोंटी में मुंह लगाकर बंदर पानी पीते रहते हैं।
जिले के विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी सहित लगभग 24 विभागों के कार्यालय हैं। यहां प्रतिदिन काफी संख्य में लोग आते जाते हैं। अभी हाल में विकास भवन में लगा वाटर कूलर तो ठीक करा दिया गया है, परंतु वाटर कूलर को खुले में रख दिया है। तेज धूप में पानी पीने के लोग हिम्मत नहीं जुटा पाते। धूप से बचने का कोई इंतजाम नहीं है। यदि यहां धूप से बचने का इंतजाम कर दिया तो काफी उपयोगी हो सकता है।
शहर का नगर पालिका परिषद कार्यालय जो पूरे शहर की वाटर सप्लाई करता है। खुद अपने ही परिसर में आने वालों की प्यास नहीं बुझा पाता। पूरे कार्यालय में आम लोगों के पीने के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। बाहर की तरफ एक वाटर कूलर रखा था। उसमें भी ठंडा पानी नहीं आ रहा है। इसका पानी इतना गर्म होता है कि पीने वाले का मुंह जल जाए।
कृषि उत्पादन मंडी समिति का सबसे बुरा हाल है। इसके सभापति स्वयं सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद हैं। यहां सुबह से लेकर शाम तक किसानों का आना जाना लगा रहता है। पेयजल की सुविधा के नाम पर यहां दो वाटर कूलर लगे हैं, लेकिन दोनों की खराब हैं। मंडी कार्यालय के सामने लगा हैंडपंप भी खराब है। यहां किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वैसे मंडी में तीन गेहूं खरीद केंद्र भी हैं। यहां किसानों और जानवरों के लिए पानी का इंतजाम होना चाहिए, लेकिन वह भी नहीं है।
अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश ने बताया कि कलक्ट्रेट परिसर में नया वाटर कूलर लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। वे नाजिर से इसकी जानकारी करेंगे। नई मंडी तहसील और अन्य सरकारी कार्यालयों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए वे संबंधित अधिकारियों से बात करेंगे। कार्यालयों में ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
तहसील में मंदिर के पास लगी टोटी से बोतल भरती महिला- फोटो : ETAWAH