फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Etawah News: मौसम की मार, शीत गृहों के भी बंद हुए द्वार

Thu, 23 Mar 2023 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा/जसवंतनगर। आलू किसानों की समस्या कम होती नहीं दिख रही है। पैदावार प्रभावित होने और भाव गिरने के बाद मौसम ने भी बड़ी समस्या खड़ी कर दी। अब तो शीत गृह भी फुल हो गए हैं। 18 शीत गृहों के बाहर हाउसफुल के बोर्ड लग गए हैं। बाकी में भी नाममात्र की जगह बची है।
विज्ञापन

सभी 54 शीत गृहों की बात करें तो यह 86 फीसदी भर चुके हैं। अभी भी कई किसानों काे आलू की खोदाई करनी है या फिर आलू खेत में ही पड़ा है। इन किसानों को भंडारण के लिए जगह न मिली तो उपज को औने-पौने दामों पर बेचना पड़ेगा।
पिछले साल सितंबर और अक्तूबर के शुरुआती दिनों में हुई जबरदस्त बारिश ने पूरे फसली चक्र को प्रभावित कर दिया था। यही कारण है कि आलू की फसल भी इस बार देरी से तैयार हुई। जिस खेत में पिछले साल 50 पैकेट प्रति बीघा पैदावार हुई थी कि वहां इस बार 40 पैकेट ही आलू निकल रहा है। इन समस्याओं से जूझते हुए आलू मंडी तक पहुंचा तो दाम औंधे मुंह गिर पड़े। हाल यह हुआ कि कुछ किसानों ने उपज खेत में ही जोत दी। बिगड़े मौसम के बीच खेतों में आलू खोदाई का काम तेजी से चल रहा है। मंडी में दाम कम होने के कारण किसान आलू का भंडारण ही मुफीद मान रहे हैं। ऐसे में शीत गृह भी फुल होने लगे हैं।
विज्ञापन

जसवंतनगर और सैफई की बात करें तो यहां कुल 27 शीत गृह हैं। इनमें लगभग सभी भरे हैं। जहां थोड़ी जगह बची है वहां आलू लदीं ट्रैक्टर-ट्रालियों की लाइन लगी है। शीत गृह मालिकों ने भाड़ा 240 रुपये बढ़ाकर 260 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।


जिले में 54 शीत गृह हैं। इनमें भंडारण क्षमता करीब छह लाख एमटी है। 86.42 फीसदी भंडारण हो चुका है। कुछ ही शीत गृहों में जगह है। आलू की खोदाई पूरी होने वाली है। संभावना है कि सभी किसानों की फसल भंडारित हो जाएगी। - डॉ. सुनील कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें