इटावा। जिला अस्पताल में जुकाम, खांसी और सांस के मरीजों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है। सोमवार को जिला अस्पताल में आए मरीजों की संख्या 1566 थी। दवा काउंटरों पर भी भीड़ रही। तीन चिकित्सकों की अनुपस्थिति की वजह से मरीजों को दूसरे डाक्टरों के पास जाना पड़ा। ट्रामा सेंटर में भी मरीजों की भीड़ रही।
फिजिशियन डॉ.शांतनु निगम और डॉ.बीएल शर्मा ने एक ही कक्ष में करीब 300 मरीजों को देखा। सोमवार को फिजिशियन डॉ.अजय शर्मा, डॉ. बीके शाहू तथा दमा एवं सांस रोग चिकित्सक डॉ.रिचा चौधरी के न आने से ज्यादातर मरीजों को इन्हीं दोनों डॉक्टरों ने देखा। डॉ. शांतनु ने बताया कि इस समय पेट और छाती दर्द के मरीजों की संख्या कम हुई है। खांसी, जुकाम और सांस के मरीज बढ़ गए हैं। डॉ. शांतनु ने बताया कि कुछ ऐसे भी मरीज आए जिन्हें दो तीन माह से खांसी आ रही है। उनका बलगम टेस्ट कराने के बाद चार मरीजों को टीबी अस्पताल भिजवाया। खांसी आने वाले मरीजों की खून और बलगम की जांच भी करवाई। खांसी के मरीजों को सलाह दी है कि वह मुंह पर मॉस्क अथवा रुमाल लगाकर रखें।
चर्म रोगियों की संख्या करीब 200 रही। डॉ. महेश चंद्रा ने बताया कि उन्होंने पूरे दिन में करीब दो सौ मरीज देखे। फंगल इंफेक्शन की वजह से चर्म रोगियों की संख्या बढ़ी है। कहा कि इंफेक्शन से बचने के लिए नहाने के बाद तौलिए से पोंछे ले। कपड़ों को 60 डिग्री सेटीग्रेड गर्म पानी से धोएं। संक्रमित कपड़ों को अलग से धोएं। फंगस को रोकने के लिए चादर और तौलिया रोजाना धोएं।