लालपुरा स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य विनम्र सागर जी महाराज के सानिध्य में चल रहे 15 दिवसीय भक्तामर प्रशिक्षण शिविर का भक्तामर विधान के साथ समापन हो गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने चतुर्मास करने के लिए नारियल भेंट किए।
शुक्रवार को भक्तामर शिविर का आचार्य श्री ने सुबह समापन कराया। इसके बाद भगवान आदिनाथ की प्रतिमा को शिविर स्थल पर विराजमान किया। पुजारियों ने जलधारा की। आचार्य श्री ने महाशांतिधारा संपन्न कराने के साथ मंत्रोच्चारण के साथ भक्तामर विधान प्रारंभ किया। इसमें 48 अर्घ्यों को श्री जी के मध्य चढ़ाया गया।
आचार्य श्री ने कहा भक्तामर का ज्ञान जीवन भर हितकारी रहेगा। अंत में साधु सेवा समिति के अध्यक्ष संजू जैन, महेश जैन रपरिया, राकेश जैन, आकाशदीप जैन, राकेश कुमार जैन, पूरन जैन, दीपे जैन सहित समाज के अन्य लोगों का आचार्य श्री का सम्मान किया।
समाज के लोगों ने आचार्य श्री और उनके संघ के समक्ष इटावा में चातुर्मास करने के लिए नारियल चढ़ाते हुए निवेदन किया।
आचार्य ने किया भिंड की ओर विहार
एक पखवारे से लालपुरा स्थित जैन मंदिर में प्रवास कर रहे आचार्य श्री विनम्र सागर जी महाराज ने अपने ससंघ सहित गाजे- बाजे के साथ भिंड की ओर विहार किया। लालपुरा जैन मंदिर से सैकड़ों सधर्मी आचार्य श्री के साथ नसियां जी तक पहुंचे।
मंदिर समिति के महामंत्री आकाशदीप जैन, संजू जैन आदि ने पाद प्रछालन किया। आचार्य श्री नसियां जी मंदिर पर विश्राम करने के बाद शनिवार प्रात: 5 बजे बरही मंदिर के लिए बिहार करेंगे। इस दौरान इटावा जैन साधर्मियों के साथ भिंड जैन समाज के लोग भी उपस्थित रहे।