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डंप पड़े सेनेटरी नैपकिन की खरीद शुरू

Thu, 02 Jun 2016 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
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पंचायत उद्योग केंद्र पर डंप पड़े सेनेटरी नैपकिन। - फोटो : अमर उजाला
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पंचायत उद्योग केंद्र में डंप पड़े सेनेटरी नैपकिन की खरीद शुरू हो गई है। इससे जरूरतमंद बालिकाओं और महिलाओं को मुफ्त सेनेटरी नैपकिन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। गौरतलब है कि सेनेटरी नैपकिन की खरीद न होने की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। इसके बाद डीएम ने बैठक बुलाकर सख्ती दिखाई। जिससे पंचायत उद्योग का काम दोबारा पटरी पर लौट सका है।
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 सिविल लाइन क्षेत्र स्थित पंचायत उद्योग केंद्र में गत दिसंबर माह से सेनेटरी नैपकिन बनना शुरू हुए थे। यह पहल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सांसद पत्नी डिंपल यादव ने की थी। सेनेटरी नैपकिन को लेकर शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि इन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, जेल प्रशासन आदि विभाग निर्धारित रेट पर खरीदेंगे और बालिकाओं व महिलाओं को नि:शुल्क वितरित करेंगे।

पंचायत उद्योग केंद्र में सेनेटरी नैपकिन बनाने के लिए मशीनें लगाई गईं। 12 महिलाओं को निर्माण कार्य के लिए रखा गया। हर महीने करीब 60 हजार नैपकिन के पीस बनाने का लक्ष्य निर्धारित था। एक पैकेट में 6 नैपकिन की कीमत 15 रुपये निर्धारित की गई है। शुरुआत में तो स्वास्थ्य विभाग ने सेनेटरी नैपकिन की खरीद की। फरवरी से कोई खरीद नहीं की गई। जब तक रॉ मैटेरियल उपलब्ध रहा, नैपकिन बनते रहे। लेकिन खरीददारी न होने से कामगार महिलाओं को पारिश्रमिक नहीं मिल सका। अप्रैल से इस केंद्र पर सेनेटरी नैपकिन बनना बिल्कुल बंद हो गया। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।
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इस बीच कानपुर मंडलायुक्त ने जिला भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य विभाग को सेनेटरी नैपकिन खरीदने के निर्देश दिए। अभी हाल ही में डीएम नितिन बंसल ने इस मसले को लेकर पंचायत अधिकारियों, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि विभागीय अधिकारियों को बुलाकर बैठक की। जिसमें डीएम ने कड़े निर्देश दिए कि विभाग सेनेटरी नैपकिन की खरीद करें। 28 मई को डीआईओएस देवेंद्र यादव ने विद्यालय प्रधानाचार्यों की मीटिंग बुलाई और नैपकिन खरीद कर बिल प्रस्तुत करने को कहा। प्रशासनिक स्तर पर हुई इस कवायद के बाद शिक्षा विभाग ने सेनेटरी नैपकिन की खरीद शुरू कर दी है। केंद्र के व्यवस्थापक इम्तियाज अतहर ने बताया कि डीआईओएस दफ्तर से 13 विद्यालयों की सूची प्राप्त हुई है। जिसमें से 8 विद्यालयों ने अब तक 5686 पैकेट सेनेटरी नैपकिन खरीदे हैं। इसके अलावा स्वयं उनके प्रयास से सैफई क्षेत्र के 15 प्रधानों ने 1500 पैकेट खरीदे हैं। इतने ही प्रधानों ने नैपकिन खरीदने का भरोसा दिलाया है। केंद्र पर करीब 12 हजार पैकेट उपलब्ध थे। जिसमें से अधिकांश की नगद खरीद होने से कामगार महिलाओं को गत अप्रैल माह तक का भुगतान कर दिया गया है।
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