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सीएमएस नहीं बता सके कुपोषित बच्चों की संख्या

Wed, 21 Sep 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
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अस्पताल का निरीक्षण करते जिलाधिकारी शमीम अहमद - फोटो : अमर उजाला
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जिलाधिकारी शमीम अहमद बुधवार रात अचानक ही जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। उनके अस्पताल पहुंचने पर अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना पर आनन फानन में सीएमएस एके पालीवाल अस्पताल पहुंचे। उन्हाेंने यहां पर ब्लड बैंक, ट्रामा सेंटर, एनआरएचएम वार्ड को देखा। एनआरएचएम वार्ड में भर्ती बच्चों का हाल लेने के बाद उन्होंने सीएमएस व अन्य कर्मचारियों से जिले में कुपोषित वर्गों के बच्चों की संख्या पूछी तो कोई नहीं बता सका। वहीं अस्पताल के बाउंड्री के बाहर लगे हथ ठेलों और खोखों को देख नाराजगी जताई। कहा कि इन्हें शीघ्र हटाया जाएगा।
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जिलाधिकारी शमीम अहमद बुधवार रात साढ़े सात बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले अस्पताल के  ट्रामा सेंटर को देखा और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। इसके बाद वह ब्लड बैंक पहुंचे और यहां तैनात कर्मचारियों के बारे में जानकारी की। वह एनआरएचएम के उस वार्ड में पहुंचे जिसमें कुपोषित बच्चों को भर्ती किया गया था। उन्होंने जानकारी की कि वार्ड में कितने बच्चे हैं जिस पर बताया गया कि 8 बच्चे वार्ड में भर्ती हैं। लेकिन जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या कोई नहीं बता सका। उन्होंने यहां भर्ती बच्चों की माताओं से भी बातचीत की और पूछा कि उन्हें व बच्चों को खाने में क्या मिल रहा है।

उन्हाेंने अस्पताल की सुरक्षा के संबंध में जानकारी ली। कहा कि अस्पताल की सुरक्षा के लिए उन्हें लिखा जाए जिससे पीआरडी के जवानों को इस कार्य में लगाया जाए। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के बाद अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि उनका प्रयास होगा कि अस्पताल की सुरक्षा में कम से कम 30 पीआरडी के जवानों को लगाया जाए। इसके साथ ही जिला अस्पताल के मुख्य गेट व बाउंड्री के पास अवैध रूप से खोखा व हथठेला लगाने वालों को हटाने की भी बात उन्होंने कही। इसके निर्देश वह जल्द सिटी मजिस्ट्रेट व नगरपालिका को देंगे। अस्पताल के आस पास से प्राइवेट एंबुलेंसों का जमघट भी हटाया जाएगा। अस्पताल की साफ सफाई व दवाइयों की उपलब्धता पर उन्होंने संतुष्टी जाहिर की। उन्होंने कहा कुपोषित बच्चों के भर्ती न किए जाने के बारे में उन्होंने जानकारी ली जिसमें बताया गया कि मानक में न आने वाले बच्चों को ही भर्ती नहीं किया जा रहा है। फिर भी वह इस मामले की जांच कराएंगे।
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