इटावा। मुख्यमंत्री ने सैफई और आसपास के क्षेत्रों का मास्टर प्लान बनाने में हो रही देरी पर काफी नाराजगी जताई । उन्होने इस संबंध में इटावा में तैनात दो अधिशाषी अभियंता और एक सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया। उन्होने कानपुर मंडल के चार जिलों के अफसरों के साथ बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा भी की।
शुक्रवार को सैफई में पीडब्लूडी के गेस्ट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में कानपुर के आईजी आशुतोष पांडेय सहित कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा और औरैया के डीएम और एसएसपी शामिल हुए। बैठक में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी जिलों की कानून व्यवस्था पर पर अफसरों से मुखातिब हुए।
लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होने सैफई और आसपास के क्षेत्रों का मास्टर प्लान तैयार करने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। सड़कों के साथ सैफई से हवाई पट्टी तक साइकिल ट्रैक बनाने के काम में देरी पर भी मुख्यमंत्री के तेवर तल्ख रहे। काम में कोताही बरतने पर उन्होने लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड इटावा के अधिशाषी अभियंता सुनील कांत और पूर्व में इसी खंड में तैनात अधिशाषी अभियंता अशोक कनौजिया तथा सहायक अभियंता राजेंद्र बहादुर को निलंबित कर दिया। अधीक्षण अभियंता एके गुप्ता ने तीनों अफसरों के निलंबन की पुष्टि की।