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Etawah News: दावा खाद की भरमार का... समितियों पर लंबी कतारें, खाली हाथ लौट रहे किसान

Fri, 09 Oct 2026 11:20 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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फोटो 13::सहकारी समिति चकरनगर पर खाद वितरण बंद होने के बाद खड़े किसान। संवाद
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इटावा/चकरनगर। खेतों में सरसों और आलू की बोआई का समय है, लेकिन किसान खाद के लिए सहकारी समितियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। किसी को एक बोरी डीएपी नहीं मिल रही तो कोई चार बोरी खाद के लिए दिनभर भटक रहा है। चकरनगर क्षेत्र में खाद के लिए किसानों की लंबी कतारें और समितियों पर ताले सरकारी दावों की हकीकत पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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कृषि विभाग के आंकड़ों में जिले में 5985 टन डीएपी और 29057 टन यूरिया उपलब्ध है। वितरण के लिए 51 समितियां संचालित हैं। इसके बावजूद किसानों को जरूरत के समय खाद नहीं मिल पा रही है। दूरदराज के गांवों से 15 से 20 किमी का सफर तय करके समिति पहुंचने वाले किसानों को भी कई बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
शुक्रवार को चकरनगर कस्बा स्थित साधन सहकारी समिति पर खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। आरोप है कि सचिव ने दो-तीन लोगों को खाद देने के बाद समिति में ताला लगा दिया और चले गए। इसके बाद दूरदराज से आए किसान इंतजार करते रह गए।
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किसानों का कहना है कि कुछ लोग कई दिनों से समिति के चक्कर लगा रहे हैं, जबकि कुछ को बार-बार खाद मिल रही है। ऐसे में जरूरतमंद किसानों के सामने बोआई का संकट खड़ा हो रहा है।

फार्मर रजिस्ट्री कराई फिर भी नहीं मिल रही खाद
किसानों को पहले फार्मर रजिस्ट्री और अंश निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए परेशानी उठानी पड़ी। अब खाद खरीदने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। किसानों का आरोप है कि समितियों पर खाताधारकों को खाद दी जा रही है, जबकि नकद खरीदने पहुंचने वाले किसानों को वापस कर दिया जाता है। बृहस्पतिवार को बरेछा समिति पर करीब 50 नकद खरीदार खाद मिलने की उम्मीद में पहुंचे, लेकिन उन्हें निराश लौटना पड़ा। शाम तक इंतजार करने के बाद नगला कढोरी, मितरौल, चिकना, नगला मथुरी, जौनानी और नगला पिलुआ के किसान वापस चले गए। भरेह समिति पर भी पिपरौली गढ़िया, सहसों, कोटरा गोहानी और खीरीटी से आए किसानों को खाद नहीं मिली।

डीएपी की किल्लत से 30 गांवों के किसान परेशान
टिटावली और करावली सहकारी समितियों पर डीएपी उपलब्ध न होने से करीब 30 गांवों के किसान परेशान हैं। किसान खाद के लिए समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इससे रबी की फसलों की बोआई प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है। दोनों समितियों से सिरसा, कोला, प्रेमपुरा, भोया, सोनेपुरा, बिड़वाकला, नीमरी और अनैठा समेत कई गांवों के किसान जुड़े हैं। समिति सचिव सुनील कुमार ने बताया कि डीएपी की रैक लग गई है।
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एक बोरी खाद के लिए तीन दिन से आ रहीं
नगला जोर निवासी महिला किसान गुड्डन देवी ने बताया कि एक बोरी खाद के लिए वह तीन दिन से चकरनगर समिति के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अब तक खाद नहीं मिली। कर्मचारी मनमानी तरीके से समिति को बंद करके चले जाते है।
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15 किमी दूर से आए और खाली हाथ लौटे
पिपरौली गढ़िया निवासी देवेंद्र सिंह ने बताया कि वह कई बार भरेह समिति पर खाद के लिए आ चुके हैं। गुरुवार को भी सुबह से लाइन में लगे रहे, लेकिन शाम तक खाद नहीं मिली। 15 किमी दूर से आने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
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51 समितियों पर पर्याप्त खाद का स्टॉक है, हालांकि समितियों पर उन किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है जो समिति के सदस्य हैं। वहीं जिन समितियों पर एक या दो दिन पहले ही खाद खत्म हुई है वहां जल्द ही खाद पहुंचाई जा रही है।
-कमलेश वर्मा, एआर कॉपरेटिव

फोटो 13::सहकारी समिति चकरनगर पर खाद वितरण बंद होने के बाद खड़े किसान। संवाद

फोटो 13::सहकारी समिति चकरनगर पर खाद वितरण बंद होने के बाद खड़े किसान। संवाद

फोटो 13::सहकारी समिति चकरनगर पर खाद वितरण बंद होने के बाद खड़े किसान। संवाद

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