रोडवेज बस में हाथ वाले पंखे से हवा करके बच्चों को राहत देती महिला। संवाद
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इटावा। 20 सितंबर के बाद हवाएं रुख बदलेंगी। दक्षिणी-पूर्वी की जगह उत्तर-दक्षिणी हवाएं चलने से लोगों को राहत मिलेगी।
दक्षिणी-पूर्वी हवाएं चलने की वजह से एक सप्ताह से उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 13 और 14 सितंबर को बूंदाबांदी होने की संभावना है। 16 से 18 के बीच बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अजय मिश्रा ने बताया कि मानसून इस बार अपने समय से एक माह देरी से आया था और एक सप्ताह देरी से जा रहा है। 20 सितंबर के बाद लोगों को उमस से राहत मिलेगी। 20 अक्तूबर तक उत्तरी-दक्षिणी हवाएं तेज होने के साथ ठंडक दस्तक देगी। उन्होंने बताया कि दक्षिणी हवाओं में नमी बढ़ने से उमस और चिपचिपाहट बढ़ जाती है। थोड़ी सी भी धूप की तपिश भीषण गर्मी का अहसास कराती है। सितंबर की यह उमस मानसून जाने का संदेश होती है।
कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. विजय जायसवाल ने बताया कि किसानी के नजरिये से इस समय तापमान काफी अधिक है। ऐसे में किसान कुछ समय रुकने के बाद ही नई फसल की बुआई करें। वैसे तो 15 सितंबर से लाही की बुआई का समय होता है, लेकिन तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच में ही आने पर फसल बोएं। अगले 10 दिनों में तापमान गिरने की संभावना है।