संघर्ष समिति का अध्यक्ष चुने जाने पर आशीष राजपूत का स्वागत करते जिलाध्यक्ष कुमुदेश यादव व अन्य। ?
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जसवंतनगर। छह दिन 12 से 17 सितंबर तक एक भी भट्टे से ईंटें नहीं बिकेंगी। ईंट भट्टों की देश व्यापी हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक जीएसटी, कोयला, प्रदूषण तथा मिट्टी खनन जैसे मसलों पर मांग पूरी नहीं होगी।
हाईवे स्थित एक होटल पर शनिवार को बैठक में ईंट निर्माता समिति की बैठक हुई। इसमें जिले भर के 200 से ज्यादा भट्टों के मालिकों ने हिस्सा लिया। सरकार की भट्टों के प्रति शोषण की नीति के खिलाफ नाराजगी जताई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष कुमुदेश चंद्र यादव ने कहा कि भट्टा मालिक किसी भी कीमत पर एक प्रतिशत की बजाय छह प्रतिशत जीएसटी नहीं देंगे। कोयले की महंगाई पर नियंत्रण व प्रदूषण के नाम पर भट्टों संचालकों का शोषण बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि हम एक जुट हैं, किसी भी भट्टे में इस वर्ष नवंबर या मार्च में आग नही पड़ेगी। 12 से 17 सितंबर तक भट्टों पर स्टॉक की एक भी ईंट नहीं बेची जाएगी। यदि किसी भी भट्टे से ईंट बेची गई तो उस भट्टा मालिक पर 10 हजार का जुर्माना होगा।
मुख्यमंत्री से दो बार भेंट हो चुकी है। कुछ प्रदेश स्तर की मांगों पर जल्द भट्टा मालिकों के पक्ष में फैसला होगा। इस बैठक में एक संघर्ष समिति का गठन किया गया। आशीष राजपूत को अध्यक्ष चुना गया। तीन घंटे चली बैठक में मंत्री सुरेश अरोड़ा, कोषाध्यक्ष श्रीकृष्ण यादव, मायाराम यादव, यदुनाथ सिंह बरेला अतुल लाला, जितेंद्र कुमार गुप्ता, राधेश्याम यादव, भगीरथ करु, विनोद जैन, सर्वेश यादव मौजूद रहे। जसवंत नगर के अध्यक्ष राहुल गुप्ता ने संचालन किया।