नगर पालिका परिषद के भंडार गृह में रखे क्लोरीन के गैस सिलेंडर में शुक्रवार की दोपहर दोपहर करीब एक बजे रिसाव होने से अफरा-तफरी मच गई। गैस का रिसाव बढ़ने से पालिका के कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने पालिका कर्मियों की मदद से सिलेंडर को बाहर निकाला। गैस रिसाव से तीन दमकल कर्मी सहित छह लोग प्रभावित हुए हैं। इनको जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
पानी की टंकियों को साफ करने के लिए पहले क्लोरीन गैस का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब लिक्विड इस्तेमाल किया जाता है। इस कारण नगर पालिका के भंडारगृह में क्लोरीन गैस के तीन सिलेंडर रखे गए थे। शुक्रवार की दोपहर एक सिलेंडर से क्लोरीन गैस का रिसाव होने लगा।
पालिका कर्मियों को सांस लेने में दिक्कत हुई तो गैस रिसाव का पता चला। इसकी सूचना बाजार में फैली तो दुकानदारों में हड़कंप मच गया। अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार की सूचना पर दमकल कर्मी पहुंचे। गैस की चपेट में पालिका और दमकल विभाग के तीन-तीन कर्मचारी आ गए। कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी होने पर जिला अस्पताल ले जाया गया।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष फुरकान अहमद ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। गैस रिसाव की जानकारी होते ही नगर पालिका के बाहर बाजार में अफरातफरी मच गई। दुकान छोड़ दुकानदार सड़क पर आ गए। कुछ ही देर में डीएम सेल्वा कुमारी जे, एसएसपी वैभव कृष्ण, एएसपी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम सिद्धार्थ भी आ गए। डीएम के आसपास का बाजार बंद करा दिया और प्रभावित क्षेत्र में लोगों के आने पर रोक लगा दी। दमकल कर्मियाें ने किसी तरह लीकेज सिलेंडर को नगर पालिका परिसर से हटाकर गाड़ी में रखा और उसे बीहड़ी क्षेत्र में ले जाकर नष्ट कर दिया गया।
सेहत के लिए खतरनाक है क्लोरीन गैस
जनता कॉलेज बकेवर के औद्योगिक रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसएन राम का कहना है कि क्लोरीन गैस वातावरण में मिलकर एसिड बना सकती है, जो लोगोें के लिए बहुत ही नुकसानदायक हो सकती है। बताया कि इससे स्किन पर फफोले भी पड़ सकते हैं और सांस लेने में दिक्कत होती है।
बंदर के पत्थर गिराने से हुआ रिसाव
नगर पालिका परिषद के कर्मचारी चमन तौकीर ने बताया कि किसी उत्पाती बंदर ने पालिका के भंडार गृह में रखे सिलेंडर पर ईंट-पत्थर गिरा दिया। इस कारण सिलेंडर से क्लोरीन गैस का रिसाव होने लगा। बताया कि लीकेज सिलेंडर के पास ही एक छोटा सिलेंडर और भी भंडार गृह में रखा हुआ है। इसे जल्द ही नष्ट किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बंद कराया बाजार
गैस रिसाव की जानकारी होने पर डीएम सेल्वा कुमारी जे, सीडीओ पीके श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट शमशाद हुसैन, एसएसपी वैभव कृष्ण, सीओ सिटी अंजनी कुमार चतुर्वेदी, कोतवाली थानाध्यक्ष अनिल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने गैस रिसाव को देखते हुए तुरंत ही दुकानों को बंद कराने के निर्देश दिए। इस पर पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में दुकानें बंद करा दी और लोगों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद भी कुछ लोग इधर-उधर आते रहे। इन लोगों को पुलिस कर्मियों ने खदेड़ दिया।
क्लोरीन गैस की चपेट में आए ये कर्मचारी
क्लोरीन गैस सिलेंडर के रिसाव से फायरकर्मी एससीपी राकेश, कांस्टेबल शैलेंद्र यादव, गार्ड बदन सिंह सहित पालिकाकर्मी इलेक्ट्रीशियन चमन तौकीर, अनुराग, वीरेंद्र को सांस लेने में परेशानी होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परफ्यूमयुक्त पानी का कराया छिड़काव
क्लोरीन के लीकेज सिलेंडर को हटाने के बाद दमकलकर्मियों ने परफ्यूम वाले पानी का सड़कों पर छिड़काव किया। बताया जाता है कि इससे क्लोरीन गैस का असर खत्म हो जाता है। अफसरों की सूझबूझ के कारण क्लोरीन गैस का आम लोगों पर खास असर नहीं पड़ा।
मिड-वे पार्किग से हो सकता है हादसा
युवा व्यापार संगठन के अध्यक्ष आकाश दीप जैन बेटू ने कहा कि नगर पालिका परिसर में हुए क्लोरीन गैस रिसाव से निपटने के लिए अग्निशमन वाहन एंबुलेंस आदि को मौके पर पहुंचने में मिड-वे पार्किंग व्यवस्था के कारण परेशानी हुई। उन्होंने प्रशासन से शहर के व्यस्त बाजार से मिड-वे पार्किंग व्यवस्था खत्म करने की मांग की। साथ ही शहर में जाम की मुख्य वजह चार पहिया वाहन, ऑटो रिक्शा और हाथ ठेलो पर अंकुश लगाने की मांग की।
अवकाश न होता तो हो सकता था हादसा
सरकारी अवकाश होने के कारण शुक्रवार को नगर पालिका परिषद में पालिका कर्मचारियों एवं आम जनता का आना-जाना बहुत कम था। सिर्फ आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी ही आफिस में मौजूद थे। यदि आम दिन होता तो भगदड़ से बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि स्वच्छता सर्वे करने आई टीम के अधिकारी पालिका कार्यालय में कामकाज कर रहे थे। जैसे ही गैस लीक हुई, सभी सुरक्षित स्थान की ओर निकल गए।