इटावा। परिषदीय, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के छात्रों के लिए अब परीक्षा का परिणाम केवल अंकों का खेल नहीं रह जाएगा। शासन ने इस शैक्षिक सत्र में समग्र प्रगति पत्र (होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड) का नया प्रारूप लागू करने का निर्णय लिया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की ओर से बीएसए के लिए जारी आदेश के तहत अब कक्षा छह से आठ तक के बच्चों का मूल्यांकन उनकी किताबी जानकारी के साथ-साथ उनके व्यवहार, जीवन कौशल और रुचियों के आधार पर भी होगा। इसमें अंक नहीं स्टार दिए जाएंगे।
जिले में 1447 परिषदीय स्कूलों में लगभग 88 हजार छात्र-छात्राओं का पंजीकरण है। नया प्रोग्रेस कार्ड पुराने पारंपरिक कार्डों से बिल्कुल अलग और विस्तृत होगा। इसे कुल आठ पेजों में तैयार किया गया है। जिसमें पहला पेज छात्र की सामान्य जानकारी और स्वास्थ्य विवरण दर्ज होगा। पेज दो से पांच के इन चार पृष्ठों में छात्र के संज्ञानात्मक विकास, भावनात्मक स्थिति, स्वच्छता, सीखने की प्रवृत्ति और कलात्मक रुचियों का सूक्ष्म आकलन किया जाएगा। अंतिम दो पेज में छात्र स्वयं का मूल्यांकन करेंगे। साथ ही अभिभावक-शिक्षक संवाद और माता-पिता की प्रतिक्रिया के लिए स्थान सुरक्षित किया गया है।
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि छात्रों को विषयों में अंक नहीं दिए जाएंगे। मूल्यांकन के लिए प्रतीकों का सहारा लिया जाएगा। शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्र को स्काई यानी कि तीन स्टार मिलेंगे। औसत से बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र को दो स्टार यानीकि माउंटेन कहा जाएगा। वहीं सामान्य प्रगति पर एक स्टार देकर स्ट्रीम का दर्जा दिया जाएगा।