इटावा महोत्सव पंडाल में आयोजित छात्र संसद कार्यक्रम में बच्चों ने कई मुद्दों पर राय देकर बड़ों को भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। एक सैकड़ा छात्र-छात्राओं के बीच बनाई गई बाल संसद में देश की संवैधानिक संसद को पर्यावरण के प्रति गंभीर चर्चा के मुद्दे दिए।
रैमन पुरस्कार विजेता चंडी प्रसाद भट्ट ने छात्र-छात्राओं की इस बाल संसद के आयोजन को ऐतिहासिक बताया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल, पर्यावरणविद् चंडी प्रसाद भट्ट, सहायक निदेशक बचत प्रभात मिश्र ने दीप प्रज्जवलन कर किया।
जिलाधिकारी ने बच्चों के पर्यावरण प्रेम के प्रति खुशी जाहिर करते हुए बाल संसद के निर्णयों को यथा संभव लागू करने का आश्वासन दिया। मुख्य अतिथि चंडी प्रसाद भट्ट ने कहा कि छात्र-छात्राओं की आकांक्षा तालाब की तरह है। युवा वर्ग समाज की धमनी के समान हैं।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के जरिए बच्चों को पर्यावरण के संबंध में जानकारियां उपलब्ध होंगी। सहायक निदेशक बचत प्रभात मिश्र ने दस देशों से आए शुभकामना संदेश पढ़कर सुनाए। छात्र-छात्राओं की बाल संसद में सेविन हिल्स की छात्रा माही पोरवाल को सभापति चुना गया।
एक सैकड़ा बच्चों ने एक निश्चित दिन जिले में पर्यावरण को समर्पित करने व सभी के द्वारा श्रमदान कर पौधारोपण करने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र की चिमनियों से निकलने वाले धुएं को कम करने, सभी सरकारी व गैर सरकारी अधिकारियाें व कर्मचारियों के एक दिन साइकिल से कार्यालय जाने जैसे प्रस्तावों पर अपनी मोहर लगाई।
साथ ही पॉलीथिन के प्रयोग को बंद करने व उसके कल कारखानों को भी समाप्त करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही परिवार नियोजन के जरिए दो बच्चों की अनिवार्ता से पर्यावरण को बचाने का संदेश दिया। इस मौके पर प्रधानाचार्य कैलाश यादव, धर्मेन्द्र शर्मा, संजय सक्सेना आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव राज ने किया।