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Etawah News: आठ सौ मीटर पुल पार कराने के वसूल रहे 50-70 रुपये

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इटावा/उदी। चंबल पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद उस पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने से अब ई-रिक्शा व ऑटो चालक चांदी काट रहे हैं। आठ सौ मीटर का पुल यात्रियों को पार कराने के लिए 50 से 70 रुपये तक एक यात्री के वसूल रहे हैं। ऐसे में बुजुर्ग, बच्चों के साथ वाले यात्री तो ई-रिक्शा और ऑटो का उपयोग मजबूरी में कर रहे हैं। अन्य यात्री पैदल ही अपनी डगर पूरी करने को मजबूर हैं।
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मध्यप्रदेश को जोड़ने वाले चंबल पुल के पिलर संख्या पांच का बैरियर 20 जून को 25 एमएम खिसक गया था। पुल में तकनीकी दिक्कत आने की जानकारी मिलने पर प्रशासन अलर्ट हो गया था और पीडब्ल्यूडी के एनएच खंड की रिपोर्ट पर देर रात से ही भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। इसके बाद बकेवर, चकरनगर होकर वैकल्पिक रास्ता शुरू कर दिया गया था। ट्रकों, डंपरों तो इस रास्ते से जाना शुरू कर दिया था, लेकिन निजी बस संचालकों ने फुटकर में बस सेवा शुरू कर दी थी। अब इटावा से ग्वालियर के लिए जाने वाली बस चंबल पुल से पहले उतार देती है। इसके बाद पुल यात्रियों को ई-रिक्शा, ऑटो या पैदल पार करना पड़ताल है। इसके बाद दूसरे छोर से भिंड ग्वालियर की बस मिलती है। ऐसे में यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ई-रिक्शा और ऑटो संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। 800 मीटर का पुल पार कराने के लिए 50 से 70 रुपये तक की वसूली की जा रही है।

हिमांशु निवासी छैराहा ने बताया कि वह व्यापारी हैं। काम के लिए उन्हें अक्सर ग्वालियर जाना होता है। बताया कि शनिवार को ग्वालियर के निकले थे तो पहले इटावा से उदी तक के 30 रुपये बस को देने पड़े। फिर पुल पार करने के लिए ई-रिक्शा और ऑटो ने 50 रुपये बताए। इस पर मैं पैदल ही पुल पार करके आ गया हूं। यहां से भी बस ने 150 रुपये किराया बताया है। पहले 110 रुपये में ग्वालियर पहुंच जाते थे। अब ग्वालियर पहुंचने में ढाई सौ रुपये तक खर्च हो जा रहे हैं।
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शनिवार को ग्वालियर से इटावा जा रहे राज सिंह ने बताया कि उनका घर इटावा में है। वह अपने रिश्तेदारों के यहां ग्वालियर गए हुए थे। लौटते समय बस ने भिंड की तरफ ही उतार दिया। बस का किराया 150 रुपये दिया फिर पुल पैदल पार करने की नौबत आ गई थी। उमस की वजह से चला नहीं जा रहा था। इसलिए 70 रुपये देकर ऑटो से इस पार आया हूं। अब यहां से जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा हूं।

अधिक किराया नहीं वसूला जा सकता है। यदि इतना अधिक किराया वसूला जा रहा है तो एआरटीओ और थाना पुलिस को निर्देशित करके ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से किराया सामान्य वसूलने के लिए हिदायत दी जाएगी। नहीं मानने पर कार्रवाई कराई जाएगी।
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- विक्रम राघव, एसडीएम सदर
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