इटावा। चंबल नदी में कोटा बैराज से पानी छोडे़ जाने के कारण नदी खतरे के निशान को पार कर गई थी। शुक्रवार को नदी के जलस्तर में गिरावट देखी गई। रात के समय चंबल नदी के जलस्तर में और भी अधिक गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है। नदी के जलस्तर में आ रही गिरावट को देखकर तटीय क्षेत्र के गांव में रह रहे लोगों ने राहत की सांस ली है। शनिवार और रविवार को जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है।
चंबल नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से गुरुवार को वह खतरे के निशान को पार गई थी। आस पास के गांव के लोगों सहित प्रशासन भी चौकन्ना हो गया था। प्रशासन ने बाढ़ जैसे हालातों से निपटने के लिए बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने के लिए कहा था।
केंद्रीय जल आयोग के प्रभारी शहजादे खान ने बताया कि कोटा बैराज से छोडे़ गए पानी के कारण चंबल नदी का जलस्तर 121.20 पर पहुंच गया था। जो कि शुक्रवार को घटकर 119.20 पर आ गया है। रात के समय चंबल नदी के जलस्तर में और भी गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है। इससे नदी के किनारे बसे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है।
राजस्थान के कोटा बैराज डैम से करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया है। इस कारण से चंबल नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। शनिवार की सुबह तक यह पानी चंबल नदी में आ जाने से नदी एक बार फिर खतरे के निशान को पार करने की आशंका जताई जा रही है।