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Etawah News: 35 दिन में गायब हो जा रही सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग

Sat, 17 Oct 2026 11:38 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा। पुलिस थानों में होने वाली कार्रवाई और हिरासत में लिए गए लोगों के साथ व्यवहार की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। सुप्रीम कोर्ट ने थानों में कैमरे लगाने के साथ उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद जिले के थानों में कैमरों की व्यवस्था और फुटेज सुरक्षित रखने की अवधि को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पड़ताल में सामने आया कि जिले के 21 थानों में कुल 168 कैमरे लगे हैं, लेकिन कई थानों में इंस्पेक्टर के कमरे में कैमरे नहीं हैं। सैफई थाने में जहां 18 महीने तक फुटेज सुरक्षित रखने की जरूरत है, वहीं रिकॉर्डिंग महज 35 दिन में गायब हो जाती है। सिविल लाइन और कोतवाली में भी केवल 60 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित होने की जानकारी मिली।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जनवरी 2026 में उत्तर प्रदेश के डीजीपी के उस सर्कुलर पर गंभीर सवाल उठाए थे, जिसमें थानों की फुटेज लगभग दो से ढाई महीने तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था बताई गई थी। अदालत ने इसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के प्रथम दृष्टया उल्लंघन और अवमानना से जुड़ा मामला माना था। मामला उन्नाव में पुलिस उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित था, जहां संबंधित अवधि की फुटेज उपलब्ध न होने का मुद्दा उठा था।

पड़ताल के दौरान सिविल लाइन थाने में इंस्पेक्टर के नए कमरे में कैमरा नहीं मिला। थाने में मुख्य गेट, हवालात के बाहर, बरामदे और ऑपरेटर कक्ष के बाहर समेत कुल आठ कैमरे लगे होने की जानकारी मिली। यहां 60 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाती है। कोतवाली थाने में भी इंस्पेक्टर के कमरे में कैमरा नहीं मिला और यहां भी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की अवधि 60 दिन बताई गई। फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में एसओ के कमरे में कैमरा नहीं लगा है।
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सैफई थाने में रिकॉर्डिंग महज 35 दिन तक सुरक्षित रहने की जानकारी सामने आई। यह अवधि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों में निर्धारित अवधि से काफी कम है। ऐसे में संबंधित थाने में रिकॉर्डिंग उपकरणों की क्षमता और फुटेज सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जांच जरूरी है।

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इकदिल में सभी कैमरे चालू होने का दावा

इकदिल थाने में 90 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने का दावा है। यहां कार्यालय, हवालात, इंस्पेक्टर के कार्यालय, थाना परिसर, महिला हेल्प डेस्क और मुख्य गेट समेत विभिन्न स्थानों पर कुल आठ कैमरे लगे मिले। सभी कैमरे चालू होने और उनमें ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा होने की जानकारी भी दी गई। हालांकि, यहां भी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की अवधि सुप्रीम कोर्ट के 18 महीने के निर्देश से कम है।

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बकेवर में दोबारा लगाए जा रहे कैमरे

बकेवर थाने के मुख्य गेट पर निर्माण कार्य के कारण पहले लगे कैमरे हटा दिए गए थे। शनिवार को मुख्य गेट पर कैमरे दोबारा लगाने का काम चल रहा था। यहां भी एसओ के कमरे में कैमरा नहीं मिला। पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक सुभाष चंद्र यादव का कहना है कि जनपद के थानों में आठ कैमरे जरूरी हैं। कुछ थानों में एक साल की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की क्षमता वाले कैमरे भी लगाए जाएंगे।
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थानों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की अवधि की समीक्षा कराई जाएगी। जहां कैमरे नहीं लगे हैं या तकनीकी कारणों से रिकॉर्डिंग निर्धारित अवधि तक सुरक्षित नहीं रह पा रही है, वहां आवश्यक सुधार कराया जाएगा। शासन और न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करते हुए थानों में सीसीटीवी व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसएसपी
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