अत्याधुनिक बस अड्डे के प्लेटफॉर्म पर खड़ी कारें, बसें सड़क पर
फोटो 18: रोडवेज बस स्टैंड पर बसों के लिए बने प्लेटफॉर्म पर खड़ीं कारें। संवाद
फोटो 19 : बस स्टैंड से कुछ ही दूरी पर सड़क पर यात्रियों के इंतजार में खड़ीं बसें। संवाद
- चालक-परिचालकों की इस मनमानी से यात्री भी खड़े रहे हैं सड़क पर, रहता है दुर्घटना का खतरा
- 20 करोड़ से ज्यादा लागत से आठ साल पहले बना था बस अड़्डा, अक्सर लगता है जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। एयरपोर्ट की तर्ज पर 20 करोड़ से भी ज्यादा की लागत से बना इटावा का अत्याधुनिक बस स्टैंड चालक परिचालकों को नहीं भा रहा है। यही वजह है जो आठ वर्ष पहले मिली इस सुविधा के बावजूद चालक परिचालक सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारियां भरने की परंपरा खत्म करते नहीं दिख रहे हैं। उनकी इस मनमानी से सवारियां भी तिराहे व सड़क पर बस के आने का इंतजार करती हैं। अनहोनी और जाम का कारण बनती हैं। बसें सड़क पर हैं और उनके खाली प्लेटफॉर्म पर कारें खड़ी रहती हैं। इससे सरकारी खजाने से खर्च हुआ धन का उपयोग भी बेकार साबित हो रहा है।
वर्ष 2018 में इस बस अड्डे को परिवहन निगम के हैंडओवर कर दिया गया था। करीब तीन हजार वर्ग फुट क्षेत्र में बने इस परिसर में करीब 15 प्लेटफॉर्म हैं, जो हर जगह की बसों को खड़े होने के लिए सुविधाजनक स्थान देती हैं। यात्रियों के बैठने के लिए हवादार वेटिंग रूम व सीटें हैं। शौचालय और पानी पीने की भी अच्छी व्यवस्था है। लेकिन अधिकांश यात्रियों के सड़क पर खड़े होकर बसों का इंतजार करने के चलते, इन सुविधाओं पर खर्च बेवजह साबित हो रहा है। इन पर न ही यातायात पुलिस अंकुश लगा पा रही है और न ही परिवहन निगम के अधिकारी ही इसे गंभीरता से ले रहे हैं।
ये हैं सुविधाएं
हर बस के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म
प्लेटफॉर्म के पास ही यात्रियों के बैठने की सुविधा
पब्लिक वेटिंग रूम
स्टॉल की भी व्यवस्था
शौचालय व पीने की पानी की व्यवस्था
पूछताछ केंद्र की व्यवस्था
सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगे हैं
परंपरा तोड़ने के लिए कर सकते हैं ये
बस स्टैंड के पास तिराहे नोटिस बोर्ड लगाएं
यात्रियों को बस स्टैंड पर आकर ही बैठने को जागरूक करें
चालक परिचालकों को स्टैंड से ही सवारी लेने पर सख्ती करें
इस अव्यवस्था पर यातायात पुलिस भी कड़ी कार्रवाई करे
केस-1
फोटो 20
बकेवर निवासी ऋषि तिवारी ने बताया कि 10 दिन पूर्व अलीगढ़ जाने के लिए बस का तिराहे पर इंतजार कर रहे थे। तभी बस में चढ़ते वक्त अचानक बाइक की चपेट में आ गए। थोड़ी चोट आई, लेकिन उस दिन से डर लग गया।
केस-2
फोटो 21
एकता कॉलोनी निवासी बल्लू चौधरी ने बताया कि आगरा जाने के लिए बस स्टैंड जा रहे थे, लेकिन तिराहे पर यात्रियों को देख रुक गए। बस आने पर चढ़ने लगे तो धक्का-मुक्की के दौरान गिर गए। सड़क पर गिरने के दौरान वाहन की चपेट में आने का डर हो गया था।
वर्जन::::::::::::::
सड़क पर बस खड़ी कर सवारियां लेने का कोई नियम नहीं है। इसके लिए बस डिपो के प्रबंधन को कहा जाएगा। बस स्टैंड में पर्याप्त जगह व सुविधा है। इसके बारे में रिपोर्ट ली जाएगी।-एसके नागर, आरएम, परिवहन निगम
सड़क पर खड़ी होने वाली बसों का चालान कर रहे हैं। लेकिन फिर भी इनकी मनमानी नहीं रुक रही है। इसके लिए अब परिवहन निगम के अधिकारियों से बात की जाएगी। जिससे अंकुश लगाया जा सके।-सूबेदार सिंह, यातायात प्रभारी